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घरेलू बाजार में सस्ता हुआ तो सड़ने लगा 7,000 टन इंपोर्टेड प्याज

JNPT पोर्ट पर एक महीने से रखा गया 7,000 टन इंपोर्टेड प्याज सड़कर बदबू फैलाने लगा है
अपडेटेड Jan 29, 2020 पर 09:57  |  स्रोत : Moneycontrol.com

प्याज की कीमतों में आखिरकार राहत मिली है। महंगे आंसू रुलाने के बाद आखिरकार घरेलू बाजार में प्याज सस्ता हुआ है लेकिन इसके चलते भरपाई के लिए बाहर से मंगाए गए प्याज सड़ने लगे हैं। मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT) पर बाहर से इंपोर्ट किया गया हजारों टन प्याज सड़ रहा है क्योंकि जिस कीमत पर यह प्याज इंपोर्ट किए गए हैं, घरेलू मार्केट में प्याज के दाम उससे कम चल रहे हैं। ऐसे में इंपोर्टर्स अपना माल खाली करवाने की जल्दी में नहीं दिख रहे।


BusinessLine की खबर के मुताबिक, इंपोर्टर्स की सुस्ती के बीच JNPT पोर्ट पर एक महीने से 250 रेफ्रिजरेटेड कंटेनर्स में रखा गया 7,000 टन इंपोर्टेड प्याज सड़कर बदबू फैलाने लगा है।


रिपोर्ट में ट्रेड सोर्सेज के हिसाब से बताया गया है कि इंपोर्टेड प्याज की कीमतें 45 रुपए किलो के हिसाब से हैं, जबकि थोक बाजार में कीमतें काफी गिर गई हैं। मॉडल प्राइस फिलहाल 23 रुपए प्रति किलो चल रहा है। इसके चलते इंपोर्टर्स अपना माल निकालने में देरी कर रहे हैं।


इंपोर्टर्स चाहते हैं कि शिपिंग कंपनीज़ कुछ चार्ज वापस ले लें, जिससे कि उनका लैंडिंग कॉस्ट कुछ कम हो सके।


बता दें कि अभी कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि राज्य सरकारें अब इंपोर्टेड प्याज को लेने से मना कर रही हैं। प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार 18,500 टन प्याज आयात कर चुकी है, जिसे अब राज्य सरकारें नहीं ले रहीं। दरअसल, केंद्र भले ही माल इंपोर्ट कर ले लेकिन रिटेल सेलिंग का फैसला राज्य सरकारों को करना होता है।


उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने 15 जनवरी को कहा था कि केंद्र सरकार राज्यों को 55 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज दे रही है। साथ ही ढुलाई का खर्च भी वहन करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा था कि अभी तक 36 हजार टन प्याज के आयात के लिए समझौते किए गए हैं, जिसमें से 18,500 टन प्याज भारत आ चुका है लेकिन राज्यों ने अभी तक केवल 2,000 टन प्याज ही उठाया है। लिहाजा अब बचे हुए प्याज के सड़ने की चिंता बढ़ रही है।


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