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PMC Bank crisis के बाद को-ऑपरेटिव बैंक के कानून बदल रहा है RBI

RBI ने 23 सितंबर को अगले 6 महीने के लिए इसके कामकाज पर रोक लगा दिया था
अपडेटेड Nov 08, 2019 पर 09:25  |  स्रोत : Moneycontrol.com

PMC Bank (Punjab and Maharashtra Cooperative) में घोटाले का पता चलने के बाद RBI उन सभी खामियों को दूर करने की कोशिश कर रहा है जिसकी वजह से यह हुआ है। PMC Bank की करीब 137 शाखाएं और 11,000 करोड़ रुपए से ज्यादा डिपॉजिट है। बैंक में गड़बड़ियों का खुलासा होने के बाद RBI ने इसके कामकाज पर रोक लगा दिया है।


नॉर्थ ब्लॉक में मीडिया को संबोधित करते हुए RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि PMC Bank के हालात पर निगरानी रखी जा रही है और फॉरेंसिक ऑडिट चल रहा है।


उन्होंने कहा, "PMC Bank पर करीबी नजर रखी जा रही है। को-ऑपरेटिव बैंक के कानून में बदलाव के लिए RBI जरूरी इनपुट मुहैया करा रहा है।"


हाल ही में PMC Bank के ग्राहकों को थोड़ी ज्यादा राहत देते हुए RBI ने रकम निकालने की सीमा बढ़ाकर 50,000 रुपए कर दिया।


PMC Bank देश के 10 अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों में सबसे बड़ी है। RBI ने 23 सितंबर को अगले 6 महीने के लिए इसके कामकाज पर रोक लगा दिया था। PMC Bank पर अपने NPA को कम करके दिखाने का आरोप था।


इससे पहले मुंबई पुलिस ने बताया था कि यह घोटाला करीब 4500 करोड़ रुपए का है। इस मामले में पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है। इनमें रियल्टी कंपनी HDIL के प्रमोटर्स के साथ PMC Bank के चीफ एग्जिक्यूटिव और मैनेजिंग डायरेक्टर को भी गिरफ्तार किया है।


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