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AGR मामला: SC टेलीकॉम फर्मों की मॉडिफिकेशन याचिका पर सुनवाई को तैयार

सुप्रीम कोर्ट के याचिका स्वीकार करने से टेलीकॉम कंपनियों को AGR की बकाया रकम चुकाने के लिए और वक्त मिलेगा
अपडेटेड Jan 22, 2020 पर 09:04  |  स्रोत : Moneycontrol.com

 सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह टेलीकॉम ऑपरेटर्स वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea), भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और टाटा टेलीसर्विसेज (Tata Teleservices) की मॉडिफिकेशन याचिका पर सुनवाई करने के लिए तैयार है। टेलीकॉम ऑपरेटर ने यह याचिका AGR (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) चुकाने के लिए ज्यादा समय मांगने के लिए है। इन कंपनियों को कुल मिलाकर 1 लाख करोड़ रुपए AGR चुकाना है। अभी तक इसकी आखिरी तारीख 23 जनवरी है।


सुप्रीम कोर्ट के याचिका स्वीकार करने से टेलीकॉम कंपनियों को AGR की बकाया रकम चुकाने के लिए और वक्त मिलेगा। सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कहा था कि यह बकाया पिछले 14 साल का है तो इसे चुकाने के लिए 14 साल का वक्त दिया जाए।


यह मामला चीफ जस्टिस एसए बोब्डे की अगुवाई वाले बेंच के सामने रखा गया था। मुमकिन है कि मॉडिफिकेशन याचिका पर सुनवाई अगले हफ्ते होगी। यह मामला अदालत में है लिहाजा सरकार फिलहाल कंपनियों के बकाया ना चुकाने पर कोई कार्रवाई नहीं करेगी। 


टेलीकॉम कंपनियों ने AGR का बकाया चुकाने के लिए सोमवार को मॉडिफिकेशन याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते कंपनियों के रिव्यू पीटिशन पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। वोडाफोन आइडिया और भारती एयरटेल जैसी कंपनियों का कहना है कि AGR का बकाया चुकाने के लिए उन्होंने फंड अलग किया जिसकी वजह से सितंबर तिमाही में उन्हें बड़ा नुकसान हुआ।


किस पर कितना है बकाया?


भारती एयरटेल पर 35,586 करोड़ रुपए का बकाया है। वहीं वोडाफोन को 50,000 करोड़ रुपए 23 जनवरी से पहले चुकाना है।


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