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Auto Sector Crisis: तीसरी तिमाही तक जा सकती हैं 500,000 नौकरियां

भारत की 57 बिलियन डॉलर की ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री ऑटो स्लोडाउन का सबसे ज्यादा शिकार हुई है
अपडेटेड Aug 19, 2019 पर 11:18  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत की 57 बिलियन डॉलर की ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री ऑटो स्लोडाउन का सबसे ज्यादा शिकार हुई है। कई प्रोडक्शन यूनिट्स में काम ठप हो गया है और हजारों नौकरियां चली गई हैं। लेकिन अभी नौकरी का संकट और गहराने वाला है।


अनुमान है कि तीसरी तिमाही में अभी 500,000 और नौकरियां जाएंगी। ऑटोमोबाइल सेल्स ठप होने के चलते ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। इससे फ्रंट-एंड सेल्स जॉब, पेंटिंग, वेल्डिंग, कास्टिंग, प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी और सर्विस सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।


इकोनॉमिक टाइम्स ने Automative Components Manufacturers Association of India की डायरेक्टर जनरल विनी मेहता के हवाले से कहा है कि पिछले कुछ महीनों में व्हीकल इंडस्ट्री में स्लोडाउन आने के बाद से इंडस्ट्री में 100,000 नौकरियां गई हैं। लेकिन अगर यह स्थिति अगले 3-4 महीनों तक बनी रही तो लगभग 10 लाख नौकरियां जाएंगी।


रिक्रूटमेंट फर्म Xpheno और TeamLease ने अगली तिमाही में 500,000 नौकरियां जाने का अनुमान लगाया है।


TeamLease की को-फाउंडर रितुपर्णा चक्रवर्ती ने बताया कि स्लोडाउन के चलते बड़े हब्स में बड़े स्तर पर जॉब कट हो रहा है। हर कंपनियों में कम से कम 10 प्रतिशत नौकरियां खत्म हो रही हैं। उन्होंने बताया कि ऑटो सेक्टर का ये स्लोडाउन अभी कम से कम छह से तीन महीने तक रहेगा।