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BS VI का असर, पेट्रोल-डीजल पर 2 रुपए तक बढ़ सकता है सेस

लागत की भरपाई के लिए कंपनियां 2 रुपए तक सेस लगा सकती हैं
अपडेटेड Jul 17, 2019 पर 15:51  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अगर आप पेट्रोल और डीजल के दाम में नरमी की उम्मीद कर रहे हैं तो भूल जाइए। अगले साल अप्रैल से आपको पेट्रोल और डीजल के लिए ज्यादा कीमत चुकानी होगी। तेल कंपनियों के दो बड़े अधिकारियों ने बताया कि भारत स्टेज VI (BS VI)  -कॉम्प्लिएंट फ्यूल अगले साल अप्रैल से लागू होगा। अधिकारियों ने बताया कि इस मानक वाले फ्यूल की लागत ज्यादा होगी और कंपनियां इसका बोझ ग्राहकों पर डालेंगी।


मिंट के मुताबिक, नाम नहीं छापने की शर्त पर इन अधिकारियों ने बताया कि इससे सरकारी तेल कंपनियों को अपनी रिफाइनरी के लिए जरूरी निवेश की भरपाई करने में मदद मिलेगी। BS VI जैसे साफ फ्यूल के लिए रिफाइनरीज को अपग्रेड करना होगा, जिसमें ज्यादा बड़ा निवेश करना होगा। उनका कहना है कि इस पर आखिरी फैसला सरकार करेगी।


एक अनुमान के मुताबिक, रिफाइनरीज के अपग्रेडेशन पर करीब 30,000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। भारत का BS VI यूरो VI के बराबर है। भारत में BS VI 1 अप्रैल 2020 से लागू होने वाला है।


नाम जाहिर ना करने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि हमने BS VI में अपग्रेड करने के लिए बड़ा निवेश किया है और हमें इसमें अच्छा रिटर्न चाहिए। यह वाजिब है। हम अपनी लागत रिकवर करके प्रॉफिट बनाना चाहते हैं।


अगर कंपनियां यह बोझ ग्राहकों पर डालती हैं तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुछ पैसों से लेकर 2 रुपए प्रति लीटर तक का इजाफा हो सकता है। 2019-20 के बजट में सरकार ने 1 रुपए प्रति लीटर रोड एवं इंफ्रास्ट्रक्चर सेस और 1 रुपए प्रति लीटर अतिरिक्त स्पेशल एक्साइज ड्यूटी लगाई थी। जिसके बाद पेट्रोल और डीजल 2 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया था।