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Budget 2019: इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव के साथ इन पर रहेगा फोकस

प्रकाशित Mon, 17, 2019 पर 15:11  |  स्रोत : Moneycontrol.com

पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में NDA सरकार 5 जुलाई को बजट पेश करने वाली है। करदाताओं को सरकार से टैक्स छूट को लेकर काफी उम्मीदें हैं। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण को अर्थव्यव्स्था की रफ्तार बढ़ाने के साथ टैक्सपेयर्स को राहत देने की चुनौती है। अब देखना है कि निर्मला सीतारमण कैसे इस चुनौती से पार पाती हैं। इस बार बजट में जिन बातों का जिक्र होगा, उनमें ये प्रमुख हैं।


डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा


UPA की सरकार ने 2009 में एक दिन में 10,000 रुपए कैश निकालने पर 0.1 फीसदी टैक्स लगाया था। हालांकि अगले साल ही इस टैक्स को हटा लिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सरकार यह टैक्स दोबारा लगा सकती है। वैसे यह अलग बात है कि इस बार शर्तें अलग हो सकती हैं।


रिजर्व बैंक ने हाल ही में NEFT और RTGS के जरिए कैश ट्रांसफर करने पर लगने वाला शुल्क हटा दिया है। 


80C टैक्स बेनेफिट में इजाफा


इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत मिलने वाले निवेश और टैक्स सेविंग्स का दायरा बढ़ाने का ऐलान हो सकता है। उम्मीद है कि सरकार 80c के तहत कर छूट का दायरा बढ़ाकर 3 लाख रुपए कर सकती है। यह अभी 1.5 लाख रुपए है। अगर ऐसा होता है तो इससे उन लोगों को फायदा होगा जिन्होंने बड़ा होम लोन लिया है।


ऑनलाइन GST पेमेंट या टैक्स चुकाने पर सब्सिडी


सरकार ऑनलाइन पेमेंट ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए अहम कदम उठा सकती है। इसके तहत मुमकिन है कि सरकार इनकम टैक्स और GST टैक्स चुकाने वालों के लिए कुछ राहत का ऐलान करे। वहीं दूसरी तरफ सरकार कैश लेनदेन घटाने की कोशिश करेगी।


इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव


किसी भी सरकार से करदाताओं की सबसे आम डिमांड कर में छूट की होती है। मुमकिन है कि सरकार इस साल टैक्सपेयर्स के लिए कुछ राहत का ऐलान करे। अंतरिम बजट में सरकार ने सालाना 5 लाख रुपए तक की आमदनी पर टैक्स छूट का फायदा दिया था।


अब उम्मीद है कि सरकार स्लैब रेट में बदलाव कर सकती है। मुमकिन है कि सरकार 5 फीसदी टैक्स का स्लैब 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 7.5 लाख रुपए कर सकती है। वहीं 20 फीसदी टैक्स का स्लैब 7.50 लाख रुपए से बढ़ाकर 12 लाख रुपए और 30 फीसदी टैक्स स्लैब 12 लाख रुपए से शुरू हो सकता है। 10 लाख रुपए से ज्यादा की आमदनी पर 30 फीसदी टैक्स वाला स्लैब 2012 से नहीं बदला है।