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कोरोना से मरने वालों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए मुआवजा नहीं दे सकते: SC में केंद्र का हलफनामा

केंद्र ने कहा कि हर कोरोना संक्रमित मरीज की मौत पर मुआवजा राज्यों के वित्तीय सामर्थ्य से बाहर है
अपडेटेड Jun 21, 2021 पर 10:43  |  स्रोत : Moneycontrol.com

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर एक हलफनामे में कहा कि कोरोना वायरस से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 4-4 लाख रूपये का मुआवजा नहीं दिया सकता है। कोरोनो बीमारी (Covid-19) से मरने वालों के परिवार के सदस्यों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग वाली याचिकाओं के जवाब में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष यह हलफनामा दायर किया।


कोरोना संक्रमण के चलते मरने वाले लोगों के परिजनों को मुआवजा देने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा था। इसके बाद केंद्र ने हलफनामा दायर कर कहा कि वह मृतक के परिजनों को मुआवजे की राशि का भुगतान नहीं कर सकता, क्योंकि यह एक बड़ी वित्तीय देनदारी होगी।


केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा है कि करोना से मरने वालों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए मुआवजा नहीं दे सकते। केंद्र ने अपने जवाब में कहा कि हर कोरोना संक्रमित मरीज की मौत पर मुआवजा राज्यों के वित्तीय सामर्थ्य से बाहर है।


सरकार ने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो कोरोना महामारी से निपटने के इंतजाम करने के लिए पैसा नहीं बचेगा। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके कोरोना महामारी से मरने वाले लोगों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये मुआवजे की मांग की गई है।


केंद्र सरकार ने कहा है कि अभी तक देश में कोरोना से 3,85,000 मौतें हो चुकी हैं और यह संख्या बढ़ भी सकती है ऐसे में प्रत्येक परिवार को मुआवजा के 4-4 लाख देना संभव नहीं होगा। केंद्र ने कहा कि मुआवजा देने के लिए संसाधनों का उपयोग महामारी के खिलाफ कार्यवाही और स्वास्थ्य व्यय को प्रभावित कर सकता है।


हलफनामे में सरकार ने महामारी में लोगों को दी गई वित्तीय और बाकी मदद का भी विस्तार से हवाला दिया है। साथ ही महामारी के दौरान ऑक्सीजन आदि के इंतजाम का भी ब्योरा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना से मरने वालों को मुआवजे की मांग पर केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।


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