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J&K-लद्दाख के गठन को लेकर चीन ने लगाया आरोप, भारत ने दिया करारा जवाब

चीन ने कहा है कि चीन के कुछ हिस्सों को अपने प्रशासन में शामिल करने का भारत का फैसला चीन की अखंडता पर हमला है
अपडेटेड Nov 01, 2019 पर 09:33  |  स्रोत : Moneycontrol.com

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पुनर्गठन पर चीन ने आपत्ति जताई है। इसके जवाब में भारत ने उसे करारा जवाब दिया है। गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन के पास भारत के इस आंतरिक मामले में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार बिल्कुल नहीं है क्योंकि यह पहले ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बड़े हिस्से को अनाधिकृत तौर पर दबाए बैठा है।


चीन ने भारत के इस कदम को गैरकानूनी बताया है। उसने कहा कि चीन के कुछ हिस्सों को अपने प्रशासन में शामिल करने का भारत का फैसला चीन की अखंडता पर हमला है। इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि भारत अपने आंतरिक मसलों में चीन सहित किसी भी देश का दखल नहीं चाहता है।


रवीश कुमार ने कहा- चीन इस मुद्दे पर हमारे स्पष्ट रुख से अच्छी तौर पर वाकिफ है। जम्मू-कश्मीर का जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्रशासित प्रदेशों में पुनर्गठन पूरी तरह से भारत का पुनर्गठन का मसला है। हम चीन सहित किसी भी देश से भारत के आंतरिक मसलों पर हस्तक्षेप नहीं चाहते हैं, वैसे ही जैसे हम किसी दूसरे देश के मसलों में नहीं बोलते।


उन्होंने कहा कि चीन लगातार इन केंद्रशासित प्रदेशों के बड़े हिस्से को कब्जाए बैठा है। उसने 1963 के China-Pakistan Boundary Agreement के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के कुछ हिस्सों को भी अवैध रूप से हथिया चुका है।


इसके पहले चीन ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के भारत के फैसले पर भी आपत्ति जता चुका है। 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पुनर्गठन पर लिए गए इस फैसले पर चीन ने कहा था कि इसमें चीनी टेरीटरी भी आती है।


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