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भारत में निवेश के लिए चीन से आए 12,000 करोड़ के प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी का इंतजार

चीन से 120 से 130 FDI प्रस्ताव मिले हैं, जिसकी कीमत लगभग 12 से 13 हजार करोड़ रुपये है
अपडेटेड Jan 16, 2021 पर 19:06  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत में अप्रैल 2020 से पड़ोसी देशों की कंपनियों के लिए सरकार की मंजूरी के बाद ही किसी भी क्षेत्र में निवेश करने का नियम लागू किया गया था। इस फैसले के अनुसार, भारत में किसी भी क्षेत्र में निवेश के लिए चीन के FDI (Foreign Direct investment) प्रस्तावों को पहले सरकारी मंजूरी की आवश्यकता है। इस समय चीन (Chinese investments) से आए करीब 12,000 करोड़ रुपए के निवेश के प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी का इंतजार है। हालांकि, टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) के मुताबिक, सरकार पड़ोसी देश से आए निवेश को मंजूरी देने के लिए जल्दबाजी में नहीं दिख रही है।


एक अधिकारी ने अखबार को बताया कि ज्यादातर प्रस्ताव पुराने हैं। ये प्रस्ताव पुराने निवेश में बढ़ोतरी से संबंधित हैं। अपने देश के बड़े स्टार्टअप्स जैसे Paytm, Zomato,  Udaan में चीनी निवेशकों ने खूब पैसा लगाया है। इन्हें फ्रेश फंड का इंतजार है, लेकिन सरकार की मंजूरी के बिना यह संभव नहीं है। निवेश के जो प्रस्ताव लंबित हैं वे पावर, टेलिकॉम, इलेक्ट्रॉनिक्स और फाइनेंस सेक्टर के लिए हैं। चीन ने इस मुद्दे को WTO (World Trade Organization) के सामने भी उठाया था। अधिकारियों ने कहा कि कोई भी समीक्षा इस बात पर निर्भर करेगी कि अगले कुछ महीनों में पड़ोसी देश के साथ संबंध कैसे हैं।


न्यूज एजेंसी PTI ने दिसंबर में अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि केंद्र सरकार (Centre Govt) को अप्रैल से अब तक चीन (China) से लगभग 12,000 करोड़ रुपये के 120 से अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के प्रस्ताव मिले हैं। सूत्रों ने कहा कि इन प्रस्तावों की जांच के लिए सरकार ने एक अंतर मंत्रालयीय समिति का गठन किया है और निवेश प्रस्तावों में अधिकांश भारत में पहले से मौजूद कंपनियों के हैं।


केंद्र ने अप्रैल 2020 में कोरोना महामारी के बीच मौके का फायदा उठा रही चाइनीज कंपनियों पर लगाम कसने के लिए यह फैसला लिया था। अप्रैल में DPIIT (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) ने कहा था कि भारत की सीमा से लगे किसी भी देश की कंपनी या व्यक्ति को भारत में किसी भी क्षेत्र में निवेश करने से पहले सरकार की मंजूरी लेनी होगी। सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के कारण अवसरवादी अधिग्रहण को रोकने के लिए यह फैसला किया था।


सरकारी सूत्रों ने पीटीआई को बताया था कि हमें चीन से 120 से 130 FDI प्रस्ताव मिले हैं, जिसकी कीमत लगभग 12 से 13 हजार करोड़ रुपये है। सूत्रों ने आगे बताया कि कुछ चीनी कंपनियों ने सरकारी ठेकों में बोली लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया है और उन प्रस्तावों को केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास भेज दिया गया है। बहुपक्षीय संस्थानों द्वारा वित्त पोषित परियोजनाओं में बोली लगाने के लिए चीनी कंपनियों पर कोई रोक नहीं है।


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