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जलियावाला बाग कांड में इंग्लैंड के चर्च मुखिया ने मांगी माफी

इंग्लैंड के चर्च प्रमुख ने कहा कि इस कांड से मैं शर्मिदा हूं और माफी मांगता हूं।
अपडेटेड Sep 12, 2019 पर 16:34  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत में अंग्रेजों के शासन ने हमेशा जुल्म ढाया है। न जाने कितने नरसंहार हुए, न जाने कितने लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। कुछ तो ऐसे नरसंहार हुए जो सदियों तक भुलाए नहीं भूल रहे हैं। ये नरसंहार हमेशा अंग्रेजी शासकों के शासन करने का तरीका जरूर याद दिलाते हैं। जब कोई ब्रिटिश हुकूमत के नेता भारत यात्रा पर आते हैं, तो अक्सर ये नरसंहार उनसे सवाल जवाब जरूर करते हैं।


इन्ही नरसंहारों में जलियावाला हत्याकांड भी शामिल हैं। जहां भारतीय दस्तावेजों के मुताबिक ,हजारों लोगों को अंग्रेज शासकों ने गोलियों से भून दिया था। बता दें कि 13 अप्रैल सन 1919 में अमृतशहर के जलियावाला बाग में हजारों की संख्या में लोग उपस्थित हुए थे। जो कि ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने के लिए जमा हुए थे। इन जमा हुए लोगों पर अंग्रेज कर्नल रेजिनाल्ड डायर के आदेश पर अंग्रेज सैनिकों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरु कर दी थी। इतना ही नहीं कायर अंग्रेजों ने बाग के दरवाजे भी बंद कर दिए थे। दरवाजे बंद करके फायरिंग करना अंग्रजों की नीयत को दर्शाता है। इस फायरिंग से भारतीय अधिकारियों के दस्तावेजों के मुताबिक, 1,000 लोगों की मौत हुई थी। जब अंगेजों की रिपोर्ट के मुताबिक 379 लोगों की मौत हुई थी। हजारों लोगों की मौत पर अंग्रेजों ने कभी अफसोस तक जाहिर नहीं किया।


इस हत्याकांड के 100 साल बाद इंग्लैंड के चर्च के मुखिया आर्चबिशप ऑफ कैटरबरी जस्टिन वेल्बी अमृतसर पहुंचे। उन्होंने जलियावाला बाग के सामने हाथ जोड़कर दंडवत प्रणाम किया। इसके बाद जस्टिन वेल्बी ने माफी मांगते हुए कहा कि, मैं ब्रिटिश सरकार के लिए कुछ नहीं कह सकता हूं, क्योंकि मैं ब्रिटिश सरकार का कोई अधिकारी नहीं हूं। मैं एक धार्मिक नेता हूं। इसलिए मैं ईसा मसीह के नाम पर बोल सकता हूं। उन्होंने कहा कि मैं इस हत्याकांड से शर्मिंदा हूं। और इस किए गए अपराध पर माफी मांगता हूं। धामिक नेता होने के नाते मैं इस हत्याकांड से दुखी हूं।


इस माफी नामे को उन्होंने अपने फेसबुक वॉल पर भी लिखा। उन्होंने लिखा कि जलियावाला बाग पर जो भी हुआ, उससे उनके भीतर एक शर्म का भाव पैदा हो गया है। यह दर्द और संताप कई पीढ़ियों तक गुजर चुका है। इसे कभी भी नकार नहीं सकते।
इस मामले में अभी तक ब्रिटेन ने माफी नहीं मांगी है। बल्कि साल 1997 में ब्रिटेन के प्रिंस ने इस मामले में विवादित बयान जरूर दिया था।


इसके बाद साल 2013 में ब्रिटेन के तत्कालीन पीएम डेविड कैमरन ने भारत का दौरा किया और जलियावाला बाग भी गए। उन्होंने इस घटना को शर्मनाक बताया था और अफसोस भी जाहिर किया था, लेकिन माफी मांगने की उनकी भी हिम्मत नहीं हुई।


बता दें कि जलियावाला नरसंहार पर भारतीय शख्स ऊधम सिंह ने सुनियोजित योजना के तहत लंदन जाकर फायरिंग का आदेश देने वाले डायर को गोली मारी थी।


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