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Covid-19: कोरोना से मौत के आंकड़ों को छिपा रहा है चीन- ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस पर चीन के आधिकारिक आंकड़ों पर शक व्यक्त किया है
अपडेटेड Apr 03, 2020 पर 09:12  |  स्रोत : Moneycontrol.com

चीन के वुहान से निकाल कोरोना वायरस पूरी दुनिया में तबाही मचाए हुए हैं। जिस देश से कोरोना वायरस का जन्म हुआ है, मौत का आंकड़ा कम है, जब दूसरे देश में मौत के आंकड़े बढ़ रहे हैं। ऐसे में चीन ने जो मृतकों के आंकड़े जारी किए हैं। वो पूरी दुनिया में शक के निगाहों से देखे जा रहे हैं। इन आंकड़ों पर तो अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी संदेह व्यक्त कर चुके हैं।


ट्रंप ने कहा कि हम यह कैसे जानेंगे कि उनके आंकड़े सही हैं या नहीं। उन्होंने कहा, चीन के आंकड़े थोड़ा कम लग रहे हैं। ट्रंप ने ये बातें एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में कही है। अमेरिकी राष्ट्र पति का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब अमेरिका की एक खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चीन ने मृतकों के आंकड़े छिपाए हैं।


ट्रंप ने जोर देकर कहा कि चीन के साथ हमारे अच्छे संबंध है और वो राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी हैं। ब्लूमबर्ग ने अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। ब्लूमबर्ग की इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए अमेरिकी सांसदों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बीजिंग ने स्पष्ट रूप से चीन के संक्रमण और मौतों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह किया है, जो साल 2019 के अंत में वुहान शहर में शुरू हुआ था।


अमेरिका के कई खुफिया अधिकारियों ने दावा किया है कि चीन ने मौतों का जो आधिकारिक आंकड़ा जारी किया है, वो फर्जी है। चीन ने आधिकारिक रूप से ऐलान किया है कि उसके यहां 82,361 लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं और 3,316 लोग मारे गए हैं। रिपब्लिकन सांसद बेन सासे ने चीन के इन आंकडों को फर्जी करार दिया है।


सुपर पॉवर अमेरिका मौतों के मामले में चीन से आगे निकल गया है। अमेरिका में 206,207 लोग कोरोना से संक्रमित हैं और 4,542 लोगों की मौत हो गई है। माना जा रहा है कि अमेरिका में मरने वालों का आंकड़ा दो लाख को पार कर सकता है।
रिपब्लिक सांसद माइकल मैकॉल ने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में चीन भरोसेमंद साथी नहीं है। उन्होंने वायरस के इंसान से इंसान में फैलने के बारे में दुनिया से झूठ बोला, सच्चाई को सामने लाने की कोशिश करने वाले डॉक्टरों और पत्रकारों को चुप करा दिया है और अब इस बीमारी से प्रभावित लोगों और मृतकों की संख्या को पा रहे हैं।


इस पर कई सांसदों ने विदेश मंत्रालय से इस मामले की जांच कराने की मांग की है।



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