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खुदरा महंगाई दर अक्टूबर में 4.62 फीसदी, 15 महीनों में सबसे ज्यादा

अक्टूबर में फूड प्राइस की ग्रोथ 7.89 फीसदी रही। इसकी वजह से खुदरा महंगाई दर बढ़ी है
अपडेटेड Nov 14, 2019 पर 13:07  |  स्रोत : Moneycontrol.com

खुदरा महंगाई दर अक्टूबर 2019 में बढ़ गई है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) अक्टूबर में बढ़कर 4.62 फीसदी हो गई है। यह RBI के 4 फीसदी मीडियम टर्म टारगेट से ज्यादा हो गया है।


मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लिमेंटेशन (MOSPI) के मुताबिक, खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने के कारण यह तेजी आई है।


खुदरा महंगाई पर काबू पाने के लिए सरकार ने एक मीडियम टर्म इनफ्लेशन टारगेट तय किया है। इसके तहत मार्च 2021 तक महंगाई दर की ग्रोथ को 4 फीसदी बनाए रखने की कोशिश की जाएगी। अक्टूबर में फूड प्राइस की ग्रोथ 7.89 फीसदी रही। खाने-पीने की चीजों के दाम तीन साल में सबसे ज्यादा हो गए हैं। इसकी वजह से खुदरा महंगाई दर बढ़ी है।    


सितंबर में महंगाई दर की ग्रोथ 3.99 फीसदी थी। पिछले साल जुलाई के बाद महंगाई दर सितंबर में सबसे ज्यादा थी। लेकिन अब अक्टूबर में खुदरा महंगाई दर और बढ़ गई है।


क्या करेगा RBI


अर्थव्यवस्था की सुस्ती दूर करने के लिए RBI लगातार रेपो रेट में कटौती कर रहा है। अब अगर अक्टूबर में महंगाई दर बढ़ जाती है तो RBI को अपनी पॉलिसी बदलनी होगी। इस साल अब तक RBI रेपो रेट में 1.35 फीसदी कटौती कर चुका है। रेपो रेट अभी 5.15 फीसदी है।


सितंबर में इंडिया के फैक्ट्री आउटपुट में 4.3 फीसदी की कमी आई है। इससे पहले अगस्त में भी फैक्ट्री आउटपुट घटा था। फैक्ट्री आउटपुट का यह सिरीज अप्रैल 2012 में लॉन्च हुआ था। तब से लेकर अब तक की यह सबसे बड़ी गिरावट है।


SBI ने भी अपनी एक हालिया रिपोर्ट में कहा है कि जुलाई-सितंबर तिमाही में GDP की ग्रोथ 4.2 फीसदी रह सकती है।


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