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एम्फान अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में बदला,पीएम मोदी करेंगे मीटिंग

चक्रवात एम्फान की वजह से पश्चिम बंगाल और ओडिशा के प्रभावित जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है
अपडेटेड May 18, 2020 पर 17:22  |  स्रोत : Moneycontrol.com

चक्रवात एम्फन (Amphan) ने अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान (Extremely Severe Cyclonic Storm) का रूप लेने वाला है। भारत के मौसम विभाग (India Meteorological Department- IMD) की ताजा जानकारी के मुताबिक, बंगाल की दक्षिण खाड़ी के मध्य भागों में चक्रवाती तूफान उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ा है। जो अगले 6 घंटों में अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान (Extremely Severe Cyclonic Storm) में तेजी लाने वाला है। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 4 बजे गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के साथ मीटिंग करेंगे।


एम्फान (Amphan) चक्रवाती तूफान को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। इससे बचाव के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। NDRF चीफ एस. एन. प्रधान ने बताया कि तूफान से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए NDRF की टीमं की तैनाती की जा रही है।


ओडिशा और बंगाल के समुद्री तट पर इसके टकराने की संभावना है। इसके चलते इन दोनों राज्यों के कई हिस्सों में तेज हवा के साथ भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने दोनों राज्यों को अलर्ट किया है और मछुआरों को सोमवार से समुद्र में नहीं जाने को कहा है। कोलकाता स्थित मौसम विभाग के क्षेत्रीय निदेशक (Regional MeT Director) जीके दास (G K Das) ने बताया के एम्फान के ताकतवर तूफान के तौर पर 20 मई को बांग्लादेश के हटिया द्वीपों के बीच पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तटों को पार करने की संभावना है। इसकी वजह से उत्तर और दक्षिण 24 परगना, कोलकाता, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर (Midnapore) जैसे तटीय इलाकों में 19 मई से अलग-अलग जगहों पर हल्की से थोड़ा ज्यादा बारिश के आसार हैं। पश्चिम बंगाल के 6 जिलों में NDRF की टीमों को तैनात कर दिया गया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक चक्रवात बुधवार को पश्चिम बंगाल में भूस्खलन (landfall ) करेगा।  


वहीं ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (Special Relief Commissioner-SRC) पीके जेना (P K Jena) ने कहा कि ओड़िशा ने पिछले कुछ सालों में चक्रवात फानी समेत कई चक्रवातों की मार झेल चुका है। यहां के लगभग 11 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के प्रबंध किए गए हैं। जेना ने कहा कि अगर लोगों को घर खाली करने की जरूरत पड़ेगी तो हमारे पास 567 शेल्टर होम हैं। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर लोगों को रहने के लिए 7,092 इमारतों (buildings) की व्यवस्था की गई है। 


राज्य के 12 तटीय जिले (coastal districts)  गंजम (Ganjam), गजपित (Gajapti), पुरी (Puri), जगतसिंहपुर (Jagatsinghpur),केंद्रपाड़ा (Kendrapara), भद्रक (Bhadrak), बालासोर (Balasore), मयूरभंज (Mayurbhanj), जाजपुर (Jajpur), कटक (Cuttack), खुर्दा (Khurda) और नयागढ़ (Nayagarh) को हाई अलर्ट पर रखा गया है।


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