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पिछले 20 सालों में पहली बार गिरा डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन: रिपोर्ट

इस साल सरकार को कॉरपोरेट और इनकम टैक्स से मिला रेवेन्यू पिछले 20 सालों में सबसे कम है
अपडेटेड Jan 25, 2020 पर 14:42  |  स्रोत : Moneycontrol.com

चालू वित्तीय वर्ष का डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन पिछले 20 सालों में सबसे कम रहा है। रिपोर्ट है कि इस साल का कॉरपोरेट और इनकम टैक्स कलेक्शन पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर रहा है।


देश के इकोनॉमिक ग्रोथ में तेजी से आई गिरावट और कॉरपोरेट टैक्स रेट में कट के बीच कई सीनियर टैक्स ऑफिसर्स ने न्यूज एजेंसी Reuters को बताया है कि इस साल सरकार को कॉरपोरेट और इनकम टैक्स से मिला रेवेन्यू पिछले 20 सालों में सबसे कम है।


इस वित्तीय वर्ष के लिए 31 मार्च, 2020 तक के लिए मोदी सरकार ने 13.5 लाख करोड़ के डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का लक्ष्य रखा था, जोकि पिछले साल के कलेक्शन से 17 फीसदी ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक, टैक्स डिपार्टमेंट 23 जनवरी तक महज 7.3 लाख करोड़ ही टैक्स कलेक्ट कर पाया है। यह अमाउंट पिछले साल की इस अवधि में कलेक्ट किए गए अमाउंट में 5.5 फीसदी कम है।


सरकार के लक्ष्य के बीच डिमांड में आई गिरावट के चलते कई बिजनेस प्रभावित हुए हैं, जिसके चलते निवेश और रोजगार में कटौती हुई है। इससे जाहिर तौर पर टैक्स कलेक्शन कम हुआ है। वहीं, सरकार को धीमी इकोनॉमिक ग्रोथ के बीच इस वित्त वर्ष के लिए अपना ग्रोथ अनुमान 5 फीसदी पर लाना पड़ा है, जो पिछले 11 सालों में सबसे कम है।


पिछले तीन साल का डेटा दिखाता है कि टैक्स डिपार्टमेंट कंपनियों से पहली तीन तिमाही का टैक्स एडवांस में कलेक्ट करके आखिरी तीन महीनों में कुल डायरेक्ट टैक्स का 30-35% हिस्सा कलेक्ट कर लेते हैं। लेकिन रॉयटर्स के साथ इंटरव्यू में आठ टैक्स अधिकारियों ने बताया है कि उनकी काफी कोशिशों के बाद भी 2019-20 वित्त वर्ष के लिए टैक्स कलेक्शन 2018-19 के 11.5 लाख करोड़ के कलेक्शन से नीचे ही रह सकता है।


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