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ITR फाइल करने के लिए ये डॉक्यूमेंट हैं जरूरी

प्रकाशित Mon, 13, 2019 पर 13:54  |  स्रोत : Moneycontrol.com

Income Tax Return: फिस्कल ईयर 2018-19 के लिए रिटर्न फाइल शुरू हो गया है। इसकी आखिरी तारीख 31 जुलाई है। अगर आप भी रिटर्न फाइल करने की तैयारी में हैं तो इन चीजों का खास खयाल रखना होगा। आप ITR 1 भरें या ITR 2 इन डॉक्यूमेंट्स को साथ रखना ना भूलें।


Form 16
अगर आप नौकरीपेशा हैं तो इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए यह सबसे जरूरी चीज है। फॉर्म 16 TDS सर्टिफिकेट होता है। आप जिस कंपनी में काम करते हैं वह कंपनी आपको फॉर्म 16 मुहैया कराती है।


फॉर्म 16 पार्ट A और पार्ट B में होता है। पार्ट A में यह जानकारी रहती है कि आपकी कंपनी ने कितना टैक्स काटा है। इसमें आपका PAN, कंपनी के TAN की भी जानकारी होती है। पार्ट B में आपकी ग्रॉस सैलरी का ब्रेकअप होता है।


इस साल आपके फॉर्म 16 में 40,000 रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी शामिल रहेगा। अगर आपको कंपनी से कोई अलाउंस मिला होगा तो वह भी आपकी टैक्सेबल इनकम का हिस्सा होगा।


बैंकों और पोस्टऑफिस से इंटरेस्ट सर्टिफिकेट


इस साल ITR फॉर्म में टैक्सपेयर्स से इंटरेस्ट इनकम का सोर्स भी पूछा जा रहा है। यानी आपको यह बताना होगा कि इंटरेस्ट इनकम सेविंग्स अकाउंट से हुई है या एफडी से। अगर कोई अदर इनकम है तो उसकी भी जानकारी देनी होगी।


सामान्य तौर पर इंटरेस्ट इनकम टैक्सेबल होती है। लेकिन इनकम टैक्स की धारा 80TTA के तहत 10,000 रुपए के इंटरेस्ट इनकम पर छूट मिल सकती है। ठीक इसी तरह सीनियर सिटिजंस के लिए 50,000 रुपए तक के ब्याज पर छूट है।


अगर आपके पास इंटरेस्ट सर्टिफिकेट नहीं है तो 31 मार्च 2019 तक अपना अकाउंट पासबुक अपडेट रखें। अगर आपको इंटरेस्ट इनकम पर बैंक से  TDS सर्टिफिकेट मिला है तो इसमें भी यह जानकारी दी होगी कि आपको कितना ब्याज मिला है। आपको जरूरी जानकारियां इससे भी मिल जाएंगी।


फॉर्म 16A, फॉर्म 16B और फॉर्म 16C


सैलरी के अलावा अन्य आमदनी जैसे FD, रेकरिंग डिपॉजिट या इंटरेस्ट पर भी TDS कटता है। जब बैंक आपका TDS काटता है तो वह 16A में इसकी जानकारी मुहैया कराता है।


दूसरी तरफ, अगर आपने अपनी प्रॉपर्टी बेची है खरीदार फॉर्म 16B फॉर्म जारी करता है। इस फॉर्म से यह पता चलता है कि खरीदार ने आपको जो रकम दी है उसपर वह TDS दे चुका है।


अगर आप मकानमालिक हैं तो आप अपने किराएदार से फॉर्म 16 ले सकते हैं। इसमें यह डिटेल होगा कि किराएदार आपको जो किराया दे रहा है उसपर TDS चुका रहा है या नहीं। मौजूदा नियम के मुताबिक, अगर मंथली रेंट 50,000 रुपए से ज्यादा है तभी उस पर TDS कटता है। इसके अलावा आप TDS डिटेल के लिए 26AS भी चेक कर सकत हैं।


फॉर्म 26AS  


यह फॉर्म पूरे सालभर का टैक्स स्टेटमेंट है। इस फॉर्म में कई जानकारियां होती हैं। जैसे
आपकी कंपनी की तरफ से काटा गया TDS


बैंक की तरफ से काटा गया TDS

किसी और संस्था से आपको मिल पैसे पर काटा गया TDS

फिस्कल ईयर 2018-19 में अगर आपने एडवांस टैक्स चुकाया हो तो उसकी भी जानकारी रहोगी।

सेल्फ असेसमेंट के बाद अगर आपने कोई टैक्स चुकाया हो तो।


TRACES की वेबसाइट से आप 26AS फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। 26AS फॉर्म डाउनलोड करने के लिए आपको www.incometaxindiaefiling.gov.in पर लॉगइन करना होगा। लॉगइन करने के बाद माय अकाउंट टैब पर क्लिक करे। इसके नीचे View 26AS (Tax Credit) पर क्लिक करें। वेबसाइट आपको TRACES की वेबसाइट पर ले जाएगी।


आपको यह चेक करना होगा कि फिस्कल ईयर 2018-19 में आपको जितना भी टैक्स कटा है वह आपके फॉर्म 26AS में नजर आ रहा है। अगर कोई मिसमैच है तो आपको TDS काटने वाले से उसमें सुधार करने के लिए कहना चाहिए। अगर ऐसा नहीं है तो आपको TDS का रिफंड नहीं मिलेगा।


टैक्स सेविंग इनवेस्टमेंट प्रूफ


फिस्कल ईयर 2018-19 के तहत आपने टैक्स सेविंग के लिए जो भी बचत की है उसका सबूत आपको देना होगा। ये बचत आप 80C, 80CCC और 80CCD(1) के तहत कर सकते हैं। इन तीनों सेक्शन को मिलाकर आप ज्यादा से ज्यादा 1.50 लाख रुपए की बचत कर सकते हैं।


80C सेक्शन में ये आते हैं।

एंप्लॉयी प्रोविडेंट फंड (PPF)
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम्स (ELSS)
लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम
नेशनल पेंशन सिस्टम्स (NPS)


इन निवेश के अलावा कुछ खर्चों पर भी टैक्स छूट का फायदा मिलता है। जैसे होम लोन के प्रिंसिपल चुकाने और ट्यूशन फीस पर।


80D से 80U तक के सेक्शन में ऐसे करें क्लेम


अगर आप अपने, अपने पति या पत्नी और बच्चों के हेल्थ इंश्योरंस के लिए प्रीमियम चुकाते हैं तो 80D में आपको टैक्स छूट का फायदा मिलेगा। इसमें आप सालभर में मैक्सिमम 25,000 रुपए के टैक्स छूट का फायदा ले सकते हैं।


अगर आपने अपने पैरेंट्स के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लिया है तो उम्र के हिसाब से 25,000 रुपए या 50,000 रुपए के प्रीमियम पर टैक्स छूट मिल सकता है। अगर आपके पैरेंट्स की उम्र 60 साल से कम है तो 25,000 रुपए तक के प्रीमियम पर टैक्स छूट मिलेगा। 60 साल से ज्यादा उम्र है तो 50,000 रुपए के प्रीमियम पर टैक्स छूट का फायदा मिलेगा।


अगर आपने एजुकेशन लोन लिया है तो उसके इंटरेस्ट पर भी टैक्स छूट का फायदा मिलेगा। यह फायदा 80E के तहत मिल सकता है। एजुकेशन लोन में इंटरेस्ट की कोई मैक्सिमम लिमिट नहीं है। आप जितना भी ब्याज चुकाएंगे आपको टैक्स क्लेम का फायदा मिलेगा। इसके लिए आपको अपने बैंक से इंटरेस्ट पेड सर्टिफिकेट लेना होगा।
 
होम लोन स्टेटमेंट


अगर आपने होम लोन लिया है तो होम लोन स्टेटमेंट लेना ना भूलें। इससे यह पता चलेगा कि आपने पिछले एकसाल में कितनी रकम प्रिंसिपल और कितनी रकम ब्याज के तौर पर चुकाया है।


आप होमलोन के ब्याज पर सेक्शन 24 के तहत टैक्स छूट का फायदा ले सकते हैं। इस सेक्शन में आप मैक्सिमम 2 लाख रुपए तक के ब्याज पर टैक्स छूट का फायदा ले सकते हैं। आपको ITR फाइल करते हुए यह बताना होगा कि आप उस घर में रहते हैं या वो घर खाली है। 


ECS रिफंड के लिए बैंक अकाउंट का प्री-वैलिडेशन


इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ऐलान किया है कि 1 मार्च 2019 से वह सिर्फ ई-रिफंड करेगा। यह रिफंड सीधे आपके उस बैंक खाते में आएगा जो PAN से लिंक्ड हो। इसके लिए आपको अपने बैंक खातों को प्री-वैलिडेट करना होगा।