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यूरोपीय यूनियन ने UK के साथ नए Brexit Deal की घोषणा की

यूरोपीय कमीशन के प्रेसिडेंट जीन-क्लॉड-जंकर ने गुरुवार को नए Brexit Deal के बारे में ऐलान किया
अपडेटेड Oct 18, 2019 पर 08:36  |  स्रोत : Moneycontrol.com

ब्रिटेन (Britain) और यूरोपीय यूनियन ( European Union) के बीच एक नए ब्रेग्जिट डील (Brexit) पर सहमति बन गई है। कई दौर की बातचीत के बाद लंदन और ब्रुसेल्स में यह सहमति बनी है। यूरोपीय कमीशन के प्रेसिडेंट जीन-क्लॉड-जंकर ने गुरुवार को नए Brexit Deal के बारे में ऐलान किया। यह ऐलान ब्रुसेल्स में यूरोपीय यूनियन की बैठक से थोड़ी देर पहले किया गया।


जंकर ने ट्विटर पर लिखा है, "जहां चाह, वहां डील है। हमारे पास है। EU और UK के बीच सही और संतुलित समझौता हुआ है। इससे पता चलता है कि इस मामले का हल निकालने के लिए हम कितने प्रतिबद्ध थे।"


गुरुवार को ब्रुसेल्स में यूरोपीय यूनियन की बैठक का जिक्र करते हुए जंकर ने कहा कि EUCO ने इस डील को सपोर्ट किया है।


अब क्या होगा?


नए Brexit Deal पर EU के सभी सदस्य औपचारिक तौर पर सहमति जताएंगे और यूरोपीय और UK की संसद में इसपर मुहर लगेगी।


इस बीच ब्रिटिश प्राइम मिनिस्टर बोरिस जॉनसन ने इसे "Great New Deal" बताया है। इस डील की डेडलाइन 31 अक्टूबर थी। इससे ठीक दो हफ्ते पहले इस डील पर सहमति बन गई है। 


जॉनसन ने एक ट्वीट में लिखा है कि हमने नई Brexit Deal कर ली है। अब संसद में शनिवार को मुहर लगनी चाहिए ताकि हम अपनी दूसरी प्राथमिकताओं पर फोकस कर सकें। नए Brexit Deal पर शनिवार को संसद में वोटिंग होगी।


क्या हुआ था पहले?


बोरिस जॉनसन से पहले थेरसा मे ब्रिटेन की पीएम थी। उनके कार्यकाल के दौरान तीन बार ब्रिटिश संसद ने पहले Brexit Deal को नकार दिया था। पुराने Brexit Deal में "Backstop" की एक शर्त थी जिसकी वजह से संसद में ब्रेग्जिट पास नहीं हो पा रहा था।


इस शर्त के मुताबिक, Brexit के बाद चाहे जो भी सिचुएशन हो, दोनों देशों के बीच कोई घेराबंदी या इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बनेगा। इससे ही विवादित "Backstop" शर्त कहा गया था।


फिलहाल कुछ नियमों के साथ ब्रिटेन और EU के बीच गुड्स और सर्विसेज का कारोबार होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि UK और आयरलैंड दोनों EU के सिंगल मार्केट का हिस्सा हैं। लिहाजा कारोबार के लिए एक इलाके से दूसरे इलाकों में जा रहे माल की जांच नहीं होती है। लेकिन ब्रेग्जिट के बाद यह बदल जाएगा। दोनों हिस्सों के कस्टम और रेगुलेटरी दायरा बदल जाएगा। इसका मतलब है कि बॉर्डर पर सामानों की जांच शुरू हो जाएगी। ऐसे में "Backstop" शर्त के जरिए इस मु्श्किल को दूर करने की कोशिश की गई थी लेकिन पहले Brexit Deal पर सहमति नहीं बन पाई।


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