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इनकम टैक्स और मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट को डीक्रिमनलाइज करेगी सरकार: निर्मला सीतारमण

फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा, इकोनॉमी को 5 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचाने के लिए यह फैसला लिया गया है
अपडेटेड Jan 21, 2020 पर 09:26  |  स्रोत : Moneycontrol.com

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि सरकार इनकम टैक्स एक्ट और प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) को आपराधिक मामलों से अलग (Decriminalise) करेगी। सीतारमण ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को 5 लाख करोड़ डॉलर की बनाने की दिशा में सरकार यह कदम उठा सकती है।


चेन्नई में रविवार को नानी पालकीवाला के 100वीं वर्षगांठ के मौके पर निर्मला सीतारमण ने इकोनॉमी को 5 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचाने के रोडमैप पर बातचीत की। फाइनेंस मिनिस्टर ने बताया कि टैक्स से जुड़े मामलों को तुरंत निपटाने और सरकारी कंपनियों के तेजी से निजीकरण के जरिए सरकार 5 लाख करोड़ डॉलर का टारगेट पूरा करना चाहती है।


लाइव मिंट के मुताबिक, सरकार पहले ही कंपनीज एक्ट में बदलाव की मंजूरी देकर कई मामलों को डीक्रिमनलाइज करने की तैयारी कर चुकी है। सरकार का आइडिया है कि इनकम टैक्स एक्ट को या तो आपराध के दायरे से हटा दिया जाए या फिर फाइन तक सीमित रखा जाए।


इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक सीतारमण ने कहा, "मैंने कंपनीज एक्ट को देखा है। हम कंपनीज एक्ट को डीक्रिमनलाइज करने पर काम कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि इनकम टैक्स एक्ट और PMLA सहित कोई भी एक्ट अपराध की कैटेगरी में ना आए।"


फाइनेंस मिनिस्टर ने यह आश्वासन दिया कि इसके बदले में पेनाल्टी वाजिब लगाई जाएगी। सीतारमण ने कहा कि सरकार बिजनेस को उस ओर लेकर जा रही है जहां कारोबार को संदेह की नजर से नहीं देखा जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी 15 अगस्त के अपने भाषण में कहा था कि वेल्थ क्रियेटर्स को संदेह की नजर से नहीं देखना चाहिए क्योंकि अगर पैसा बनेगा नहीं तो वह लोगों में बंट भी नही सकता।


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