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Republic Day: गलवान घाटी में जान गंवाने वाले कर्नल संतोष बाबू को महावीर चक्र से किया जाएगा सम्मानित

शहीद कर्नल बी संतोष बाबू समेत कुछ अन्य सैनिकों को कल गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा
अपडेटेड Jan 26, 2021 पर 15:32  |  स्रोत : Moneycontrol.com

पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी (East Ladakh Galwan Valley) में पिछले साल जून में चीनी सैनिकों के साथ बहादुरी से लड़ते हुए शहीद हुए 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग अधिकारी कर्नल बी संतोष बाबू (Colonel B Santosh Babu) और कुछ अन्य भारतीय सैनिकों (Indian Army Soldiers) को कल गणतंत्र दिवस (Republic Day 2021) के अवसर पर वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। कर्नल संतोष बाबू को मरणोपरांत महावीर चक्र (Mahavir Chakra) से सम्मानित किया जाएगा। महावीर चक्र भारत का दूसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है।


कर्नल संतोष बाबू 16 बिहार रेजिमेंट (16 Bihar Heroes) के कमांडिंग ऑफिसर थे। संतोष बाबू के साथ पांच अन्य सैनिकों को भी मरणोपरांत सम्मानित किया जाएगा। कर्नल संतोष बाबू को महावीर चक्र बाकी पांच शहीद जवानों को वीर चक्र से नवाजा गया है। नायब सूबेदार नूडूराम सोरेन (Nb Sub Nuduram Soren), हवलदार के पिलानी (K Palani), हवलदार तेजेंद्र सिंह (Tejinder Singh), नायक दीपक सिंह (Deepak Singh) और सिपाही गुरतेज सिंह (Gurtej Singh) समेत छह जवानों को गलवान घाटी के लिए वीरता मेडल दिया गया है।


इसके अलावा मई 2020 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में अपनी जान गंवाने वाले मेजर अनुज सूद (Major Anuj Sood) को मरणोपरांत शौर्य चक्र (Shaurya Chakra) से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा 73 जवानों को अग्निशमन मेडल से सम्मानित किया जाएगा। इनमें से आठ जवानों को उनकी साहस और वीरता के लिए राष्ट्रपति के फायर सर्विस मेडल से नवाजा जाएगा, जबकि 2 जवानों को फायर सर्विस मेडल से सम्मानित किया जाएगा। बता दें कि हर साल 26 जनवरी के मौके वीरता पुरस्कारों का ऐलान किया जाता है। 


गलवान घाटी में पिछले साल 15 जून को चीनी सैनिकों के साथ संघर्ष में जान गंवाने वाले 20 भारतीय जवानों में 16 बिहार रेजीमेंट के कमांडिंग अधिकारी कर्नल बाबू भी शामिल थे। यह घटना पिछले कुछ दशकों में दोनों पक्षों के बीच सर्वाधिक गंभीर सैन्य संघर्षों में से एक गिनी गई। चीन ने संघर्ष में हताहत हुए अपने जवानों की संख्या का खुलासा आज तक नहीं किया है, लेकिन उसने आधिकारिक रूप से सैनिकों के मरने और घायल होने की बात स्वीकार की थी।


एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, इस संघर्ष में चीन के भी 35 सैनिक मारे गए थे। गलवान घाटी में हुए संघर्ष ने पूर्वी लद्दाख में सीमा पर तनाव को बढ़ा दिया था, जिसके बाद दोनों सेनाओं ने टकराव वाले बिंदुओं पर भारी संख्या में सैनिकों की तैनाती की और भारी हथियार पहुंचाए। मूलत: तेलंगाना के सूर्यपत जिले के निवासी कर्नल संतोष बाबू इससे पूर्व भी वह तनाव कम करने को लेकर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (People Liberation Army, PLA) के साथ हुई कई बैठकों का नेतृत्व कर चुके थे।


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