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बजट से पहले सरकार को राहत, कॉरपोरेट टैक्स घटाने से हुआ नुकसान उम्मीद से कम

कॉरपोरेट टैक्स रेट कट के बाद सरकार का अनुमान था कि उसे 1.45 लाख करोड़ का नुकसान होगा
अपडेटेड Jan 28, 2020 पर 09:10  |  स्रोत : Moneycontrol.com

बढ़ते फिस्कल डेफिसिट से जूझ रही केंद्र सरकार को थोड़ी राहत मिलती दिख रही है। सितंबर में कॉरपोरेट टैक्स रेट कट के बाद सरकार का अनुमान था कि उसे 1.45 लाख करोड़ का नुकसान होगा लेकिन अब उसका अनुमान है कि उसे 45,000 करोड़ की भरपाई मिल सकती है।


Economic Times की खबर के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि यह नया अनुमान एडवांस टैक्स पेमेंट को देखकर लगाया जा रहा है और बढ़ते फिस्कल डेफिसिट और घटते टैक्स कलेक्शन से जूझ रही सरकार के लिए यह थोड़ी राहत की बात हो सकती है।


इस राहत के पीछे एक बड़ा फैक्टर है। सरकार ने अपनी घोषणा में मौजूदा कंपनियों के लिए कॉरपोरेट टैक्स रेट को 30 फीसदी से घटाकर 22 फीसदी कर दिया था। वहीं 1 अक्टूबर, 2019 के बाद बनी और 31 मार्च, 2023 से पहले ऑपरेशन शुरू करने देने वाली मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों के लिए टैक्स कट रेट 15 फीसदी पर रखा था। हालांकि, इस घोषणा में कई पेंच थे।


इसमें शर्त रखी गई थी कि अगर वो कम रेट का फायदा उठाना चाहती हैं तो उन्हें दूसरी कई छूट का फायदा छोड़ना होगा। यानी वो इसका फायदा तभी उठा सकती हैं, जब वो दूसरी योजना का फायदा छोड़ दें।


ऐसे में टैक्स कंसल्टेंट्स ने बताया है कि इन शर्तों के चलते कई कंपनियां अभी सरकार के लोअर टैक्स रेट कट का फायदा नहीं उठा रही हैं। मौजूदा सिस्टम में लागू रेट फिर भी कम है, ऐसे में कंपनियां अभी नए रेट तक शिफ्ट नहीं कर पाई हैं।


टैक्स कंसल्टेंट्स का मानना है कि फायदे में चल रहे बैंक, FMCG कंपनीज़, IT सर्विस कंपनीज़ और दूसरी सर्विस कंपनीज़ के लिए नया रेट फायदे वाला साबित हो सकता है लेकिन एक्सपोर्ट या फिर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टरों से जुड़ी कंपनीज़ के लिए मौजूदा इफेक्टिव रेट कम होने के चलते इसमें ज्यादा फायदा नहीं है।


ET के मुताबिक, Deloitte India में टैक्स पार्टनर नीरू आहूजा का मानना है कि अगर 100 कंपनियों का उदाहरण लें तो इनमें से आधी कंपनियां नए रेट कट की ओर शिफ्ट कर चुकी हैं, जबकि हर 10 में से एक कंपनी ने अभी कोई फैसला नहीं किया है। इससे कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन में थोड़ी बढ़ोत्तरी हो सकती है, जिसके चलते सरकार का नुकसान कम हो सकता है।


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