Moneycontrol » समाचार » ख़बरें

प्राइवेट फर्म से रेवेन्यू हासिल करने को गुजरात HC ने बताया 'जबरन वसूली'

Micromax Informatics Limited की ओर से दाखिल की गई याचिका पर यह आदेश सुनाया है
अपडेटेड Aug 20, 2019 पर 09:44  |  स्रोत : Moneycontrol.com

Gujarat High Court ने एक निजी कंपनी से राज्य सरकार की ओर से रेवेन्यू वसूलने की कार्रवाई को एक तरह की जबरन वसूली करार दिया है। कोर्ट ने कंपनी से वसूली गई 1.49 करोड़ रुपए की राशि छह प्रतिशत इंटरेस्ट के साथ लौटाने का भी निर्देश दिया है।


जस्टिस जेबी पार्डीवाला और जस्टिस एसी राव की डिवीजन बेंच ने Micromax Informatics Limited की ओर से दाखिल की गई याचिका पर यह आदेश सुनाया।


हाईकोर्ट ने सात अगस्त के अपने आदेश में कहा है- संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई को बिल्कुल जबरदस्ती और मनमानी कहा जा सकता है। यह टैक्स वसूलने का तरीका नहीं है। विभाग को राजस्व के लिए इतना बेचैन नहीं होना चाहिए। इस मामले में अधिकारियों की ओर से की गई कार्रवाई जबरन वसूली से कम नहीं है।


क्या है मामला?


बता दें कि ऑडिट के बाद अहमदाबाद के डिप्टी कमिश्नर ऑफ स्टेट टैक्स की ओर से 30 अक्टूबर, 2018 को माइक्रोमैक्स को गुजरात वैल्यू ऐडेड टैक्स एक्ट के तहत 1,49,27,723 रुपए टैक्स के रूप में देने का निर्देश दिया था।


इसके बाद कंपनी ने इस अधिनियम की धारा 73 के तहत असेसमेंट ऑर्डर के खिलाफ अपील की थी।


इसी साल 25 जनवरी को सेल्स डिप्टी कमिश्नर ने कंपनी के बैंक (Kotak Mahindra) को नोटिस भेज कर उक्त राशि जारी करने को कहा जबकि उस समय तक कंपनी को विभाग से नोटिस तक नहीं मिला था।


कंपनी की अपील 29 जुलाई को सुनवाई के लिए रखी गई। कंपनी ने बैंक को पांच फरवरी को लिखा कि उसकी अपील पर फैसला होने तक कर विभाग को रकम जारी नहीं की जाए।


जॉइंट टैक्स कमिश्नर (अपील) ने सात फरवरी को कहा कि स्थगन आदेश के लिए कंपनी पहले विवादास्पद कर राशि का 20 प्रतिशत जमा कराए।


इसके बावजूद राज्य सरकार ने बिना अग्रिम नोटिस के बैंक को दबाव देकर 1,49,27,723 रुपए का डिमांड ड्राफ्ट जारी करा लिया और उसे 15 फरवरी को भुना लिया गया।


अदालत में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिकारियों ने माना कि याचिकाकर्ता से 1,49,27,723 रुपए वसूली नहीं बनती थी क्योंकि इस मामले में एक गलती हुई थी।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।