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जानिए IRCTC आप तक खाना पहुंचाने के लिए क्या करती है?

ट्रेनों में ई-कैटरिंग सर्विस के लिए रेडी टू ईट मील्स पेश किया गया है
अपडेटेड Aug 07, 2019 पर 18:49  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अगर आपको रेल से यात्रा करना पसंद है लेकिन उसका खाना नहीं, तो आपकी यह मुश्किल अब दूर हो सकती है। रेलवे ने खाने की क्वालिटी सुधारने की कई कोशिशें की हैं लेकिन इससे यात्रियों को कुछ खास फायदा नहीं हो पाया है। 


रेलवे के खाने की क्वालिटी सुधारने के लिए पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने पॉलिसी जारी की थी। इस पॉलिसी का मकसद रेल में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता में सुधार लाना था।


इसके अलावा खानपान की गुणवत्ता को अपग्रेड करने के मकसद से IRCTC ने नए किचन बनाने के साथ मौजूदा किचन भी अपग्रेड किया। राज्य सभा में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि कैसे रेल यात्रियों को बेहतर खाना मिल सकता है।


पिछले दो सालों में 64 किचन को अपग्रेड किया गया है। साथ ही 38 किचन यूनिट में CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा इंडियन रेलवे द्वारा IRCTC की वेबसाइट के जरिए किचन यूनिट्स की लाइव स्ट्रीमिंग शेयर की गई है।


किचन यूनिट्स और पेंट्री कारों में भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई की समीक्षा थर्ड पार्टी के जरिए ऑडिट कराया जाता है। इसके अलावा थर्ड पार्टी ग्राहकों का फीडबैक भी लेती है।


फूड सेफ्टी ऑफिसर्स के साथ इंडियन रेलवे के अधिकारी भी नियमित और औचक(सरप्राइज) निरीक्षण करते हैं।


फूड पैकिंग में क्यू आर कोड और अन्य जानकारी जैसे पैकेजिंग की तारीख, किचन का नाम, जैसी जानकारी छापने का सिस्टम लागू किया गया है।


ट्रेनों में ई-कैटरिंग सर्विस के लिए रेडी टू ईट मील्स पेश किया गया है।
 
खानपान में किसी भी तरह की शिकाय होने पर टोल फ्री नंबर 1800-111-321 जारी किया गया है। साथ ही ई-मेल ट्विटर के जरिए भी शिकायत कर सकते हैं।


रेलमंत्री ने कहा कि रेलवे का कर्तव्य यात्रियों को हाइजेनिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की है। साथ ही अगर कोई फूड विक्रेता बिल नहीं देता तो नो बिल फूड इज फ्री अभियान की भी शुरुआत की गई है।