Moneycontrol » समाचार » ख़बरें

जानिए इंद्राणी मुखर्जी के किस बयान से चिदंबरम की हुई गिरफ्तारी

इंद्राणी मुखर्जी ने 17 फरवरी 2018 को अपने बयान में कहा था कि, चिदंबरम के बेटे कार्ति ने उनसे 10 लाख रुपये की घूस मांगी
अपडेटेड Aug 23, 2019 पर 08:34  |  स्रोत : Moneycontrol.com

INX मीडिया पर मालिकाना हक रखने वाले पीटर मुखर्जी और उनकी पत्नी इंद्राणी मुखर्जी ने CBI और ED के सामने यह बयान दिया था कि जब उन्होंने 2006 में नॉर्थ ब्लॉक में पी चिदंबरम से मुलाकात की थी तो उन्होंने अपने बेटे कार्ति से मिलने की और कहा कि उन्हें बिजनेस में मदद करने को कहा। 


इंद्राणी मुखर्जी के इस बयान को ही CBI और ED पी चिदंबरम के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं। इंद्राणी मुखर्जी ने 17 फरवरी 2018 को अपने बयान में कहा था कि, चिदंबरम के बेटे कार्ति ने उनसे 10 लाख रुपये की घूस मांगी थी। जब वो दिल्ली के हयात होटल में मिले थे।


देश के पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम पर INX मीडिया मामले में कानून शिकंजा कसता जा रहा है। इंद्राणी मुखर्जी के एक दर्ज बयान से चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। चिदंबरम की गिरफ्तारी की याचिका पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की। फिर उनकी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के पहले ही गिरफ्तारी हो गई। अब शायद वो कुछ दिनों के लिए CBI की हिरासत में पहुंच जाएंगे।


इंद्राणी मुखर्जी ने 17 फरवरी 2018 को अपने बयान में कहा था कि, चिदंबरम के बेटे कार्ति ने उनसे 10 लाख रुपये की घूस मांगी थी। जब वो दिल्ली के हयात होटल में मिले थे। ये सभी अब अदालत के दस्तावेज का हिस्सा है।


इसके लिए उन्होंने एक प्लान तैयार किया। इस प्लान के मुताबिक, मुखर्जी ने कार्ति की कंपनी Advantage Strategic Consulting Pvt Ltd (ASCPL) में शामिल हुए। कथित मुआवजे के रूप में उस समय ASCPL और उससे जुड़ी कंपनियों ने INX मीडिया पर 700,000 डॉलर (3.10 करोड़ रुपये) के लिए चार चालान बनाए और उसे चुकाया गया। जल्द ही FIPB  ने अनियमितताओं को ठीक करने के लिए अपनी मंजूरी दे दी।


CBI के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मार्च 2007 में INX मीडिया ने उस शर्त का उल्लंघन किया, जिसके तहत FIPB ने उसे फेस वैल्यू पर 46 फीसदी इक्विटी जुटाने की अनुमति दी गई थी। INX मीडिया को 4.62 करोड़ रुपये जुटाने की अनुमति दी गई थी लेकिन कंपनी ने 305 करोड़ रुपये हासिल किए थे। इसके अलावा, INX न्यूज प्राइवेट लिमिटेड में 26 फीसदी निवेश की सीमा से ज्यादा निवेश किया।


कार्ति को फरवरी 2018 में मामले में गिरफ्तार किया गया था। पिछले साल पूछताछ के दौरान पी चिदंबरम से वित्त मंत्रालय और इंद्राणी के बयान के दस्तावेजों के आधार पर पूछताछ की गई थी, लेकिन वो जांच एजेंसियों का सहयोग नहीं कर रहे थे।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।