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Loksabha Elections Results 2019: नतीजों के दिन नर्वस नहीं होता शेयर बाजार

पिछले तीन बार के लोकसभा चुनाव के नतीजों के दिन पर गौर करें तो पता चलता है कि उस दिन बाजार में काफी तेजी रही है
अपडेटेड May 23, 2019 पर 08:16  |  स्रोत : Moneycontrol.com

लोकसभा चुनाव के नतीजे का दिन भले ही नेताओं को नर्वस करने वाला होता है लेकिन शेयर बाजार को इस दिन से डर नहीं लगता। पिछले तीन बार के लोकसभा चुनाव के नतीजों के दिन मार्केट का परफॉर्मेंस देखें तो यह बात बिल्कुल सही है।


तेजी का यह दौर सोमवार 20 मई से ही शुरू हो गया है। एग्जिट पोल में BJP की अगुवाई वाली NDA को पूर्ण बहुमत आने के अनुमान के बाद बाजार में जमकर तेजी आई थी। उस दिन सेंसेक्स और निफ्टी में पिछले 10 साल में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी आई थी। इसके बाद मंगलवार 21 मई को सेंसेक्स में 1 फीसदी की गिरावट आई। फिर 22 मई बुधवार को सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।


हालांकि एनालिस्ट्स को इस बात का डर है कि अगर नतीजे एग्जिट पोल के अनुमान के मुताबिक नहीं रहे तो बाजार में गिरावट आ सकती है। इसके बाद फिर बाजार का फोकस लौटकर कंपनियों के नतीजों और अमेरिका-चीन के ट्रेड वॉर पर आ जाएगा।


एक नजर में देखिए पहले नतीजों के दिन कैसी रही बाजार की चाल


रिजल्ट से एक दिन पहले मायावती ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि वह पीएम बनना चाहती हैं। मतगणना शुरू हो गई है और अब देखना है कि मायावती का यह सपना पूरा होता है या नहीं।


16 मई 2014


सेंसेक्स ने इतिहास बनाते हुए पहली बार 25,000 का लेवल छुआ था। हालांकि इस तेजी के बाद जमकर मुनाफावसूली हुई थी जिससे बाजार गिर गया। इंट्रा डे में बाजार 1470 अंक बढ़कर 25375 पर पहुंच गया था। बाजार को उम्मीद थी कि बीजेपी की सरकार अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ा सकती है।


18 मई 2009


मतगणना का दिन 16 मई था लेकिन शनिवार होने की वजह से बाजार बंद हो चुका था। 18 मई सोमवार को जब बाजार खुला तो बाजार में जबरदस्त तेजी आई। तेजी का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि सेंसेक्स शुक्रवार शाम 12,173 पर बंद हुआ था और 18 मई को यह बढ़कर 14,284 पर बंद हुआ। शेयर बाजार के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था जब अपर सर्किट लगने की वजह से ट्रेडिंग रोकनी पड़ी थी. एक दिन में सेंसेक्स 30 17.34 फीसदी चढ़ा था.  


14 मई 2004


2004 में मतगणना 13 मई को हुई थी लेकिन कांग्रेस की अगुवाई वाली UPA को बहुमत मिलने से अगले दिन 14 मई को सेंसेक्स 6 फीसदी गिर गय। इसके बाद अगले सत्र यानी 17 मई को सेंसक्स में और 11 फीसदी की गिरावट आई।