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बालाकोट हमले के बाद एयरफोर्स चीफ ने माना, 'हमने अपने ही हेलिकॉप्टर पर मिसाइल दागा था'

भदौरिया ने कहा, कोर्ट की जांच पूरी हो चुकी है, हम दो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। हम यह मानते हैं कि यह हमारी बड़ी गलती है
अपडेटेड Oct 05, 2019 पर 13:09  |  स्रोत : Moneycontrol.com

एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने शुक्रवार को यह स्वीकार किया कि 27 फरवरी को कश्मीर के बडगाम में जो भारतीय Mi-17 IAF हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ था वह भारतीय मिसाइल से ही मार गिराया गया था। यह वही दिन था जब भारत-पाकिस्तान के बीच हवाई लड़ाई हुई थी। भारतीय एयरफोर्स की तरफ से पहली बार यह स्वीकार किया गया है कि भारतीय सेना ने अपने ही हेलिकॉप्टर को मार गिराया था।


भदौरिया ने कहा, कोर्ट की जांच पूरी हो चुकी है और यह हमारी गलती थी कि हमने अपने ही हेलिकॉप्टर पर मिसाइल चला दी। हम दो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। हम यह मानते हैं कि यह हमारी बड़ी गलती है। हम यह पक्का करने की कोशिश करेंगे कि आगे इस तरह की कोई गलती दोहराई ना जा सके।


कौन चला रहा था हेलिकॉप्टर?


हेलिकॉप्टर स्क्वायड्रन लीडर सिद्धार्थ वशीष्ठ उड़ा रहे थे। उनके साथ स्क्वायड्रन लीडर निनाद मांडवगने, कुमार पांडे, सर्जेंट विक्रम सेहरावत, कॉरपोरल्स दीपक पांडे और पंकज कुमार बैठे थे। यह हेलिकॉप्टर बडगाम के नजदीक सुबह 10.10 बजे क्रैश हुआ था। इससे थोड़ी देर सुबह 9.30 पर पाकिस्तानी एयरफोर्स जेट ने भारतीय एयरस्पेस में घुसने की कोशिश की थी।


पाकिस्तानी एयरफोर्स ने जम्मू के राजौरी में घुसपैठ करने के बाद कश्मीर के बारामुला के उरी सेक्टर में भी घुसपैठ करना चाहा था, तभी हेलिकॉप्टर ने श्रीनगर एयरफील्ड से उड़ान भरा था।


जांच में पता चला कि हेलिकॉप्टर में लगा IFF (Identification of Friend or Foe) सिस्टम ऑफ था। इसके साथ ही ग्राउंड स्टाफ और हेलिकॉप्टर में बैठे क्रू के बीच कोऑर्डिनेशन ठीक नहीं था। IFF की वजह से हेलिकॉप्टर यह संकेत देते हैं कि वो अपने देश के ही हैं।


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