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अब 'नेताजी एक्सप्रेस' के नाम से जानी जाएगी हावड़ा-कालका मेल, रेल मंत्रालय ने किया ऐलान

केंद्र सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया है
अपडेटेड Jan 21, 2021 पर 09:53  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारतीय रेल मंत्रालय (Railway Ministry) ने हावड़ा-कालका मेल ट्रेन (Howrah-Kalka Mail) का नाम बदल दिया है। मंत्रालय ने महान स्वतंत्रता सेनानी नेता जी सुभाष चंद्र बोस (Subhas Chandra Bose) को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी 125वीं जयंती के मौके पर इस ट्रेन का नाम नेताजी एक्सप्रेस करने का फैसला किया है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। बता दें कि इससे पहले केंद्र सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया है। 23 जनवरी 2021 को नेताजी की 125वीं जयंती है।


पीयूष गोयल (Railway Minister Piyush Goyal) ने गुरुवार को ट्वीट कर लिखा नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी के साहस और वीरता ने देश को विदेशी दासता से मुक्त कराने में अहम भूमिका निभाई। पराक्रम दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्र के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा को सम्मान देते हुए हावड़ा-कालका मेल को अब नेताजी एक्सप्रेस के रूप में जाना जाएगा। रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर कोचिंग राजेश कुमार ने इससे जुड़ा आदेश जारी दिया है। हावड़ा कालका मेल भारतीय रेल की सबसे पुरानी ट्रेनों में से एक है।


हावड़ा-कालका मेल भारतीय रेलवे नेटवर्क में वर्तमान में चलने वाली सबसे पुरानी ट्रेनों में से एक है। एक जनवरी 1866 को कालका मेल पहली बार चली थी और यह 150 वर्षों से अधिक समय से देश की सेवा में है। उस वक्त इस ट्रेन का नाम 63 अप हावड़ा पेशावर एक्सप्रेस था। 18 जनवरी 1941 को फिरंगियों को चकमा देकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस इसी ट्रेन पर धनबाद जिले के गोमो जंक्शन से सवार होकर निकले थे।


नेताजी की यादों से जुड़ी होने के कारण ही रेलवे ने कालका मेल का नामकरण नेताजी एक्सप्रेस के रूप में किया है। पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार बंगाली मतदाताओं को लुभाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इससे पहले केंद्र ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिवस को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाने का ऐलान किया। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस का जन्मदिन मनाए जाने को लेकर अधिसूचना जारी की है।


नेताजी के परपोते चंद्र कुमार बोस ने कहा कि भारत नेताजी सुभाष चंद्र बोस के कारण आजाद हुआ। काफी सालों से भारत की जनता नेताजी का जन्मदिन देश प्रेम दिवस के रूप में मना रही है। इस घोषणा से हम खुश हैं, लेकिन अगर भारत सरकार 23 जनवरी की देश प्रेम दिवस के रूप में घोषणा करती तो ज्यादा उपयुक्त होता। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी का गठन नेताजी की जयंती मनाने के लिए किया गया है। यह कमेटी 23 जनवरी 2021 से शुरू होने वाली एक साल की लंबी स्मृति के लिए तैयार की गई गतिविधियों का फैसला करेगी।


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