Moneycontrol » समाचार » ख़बरें

IMF ने बताया, भारतीय अर्थव्यवस्था में उम्मीद से 'ज्यादा कमजोरी' की वजह

IMF ने फिस्कल ईयर 2019-20 के लिए भारत की आर्थिक ग्रोथ के अनुमान को 0.3 फीसदी घटाकर 7 फीसदी कर दिया है
अपडेटेड Sep 14, 2019 पर 11:53  |  स्रोत : Moneycontrol.com

IMF (इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड) ने गुरुवार को बताया था कि भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ उम्मीद से ‘‘ज्यादा ’’ है। IMF का कहना है कि कॉरपोरेट और एनवॉयरमेंट रेगुलेशन से जुड़ी अनिश्चितता और NBFC के कमजोर होने से आर्थिक ग्रोथ कमजोर हुई है।


IMF के प्रवक्ता गेरी राइस ने कहा, ‘‘हम नए आंकड़े पेश करेंगे लेकिन खासकर कॉरपोरेट एवं पर्यावरणीय नियामक की अनिश्चितता और NBFC की कमजोरियों के कारण भारत में हालिया आर्थिक वृद्धि उम्मीद से काफी कमजोर है।’’


अप्रैल-जून 2019 तिमाही में भारत की आर्थिक ग्रोथ घटकर 5 फीसदी रह गई। यह पिछले 7 साल का सबसे निचला स्तर है। एक साल पहले इसी तिमाही में आर्थिक ग्रोथ 8 फीसदी थी। इससे पहले सबसे सुस्त ग्रोथ रेट फिस्कल ईयर 2012-13 की जून तिमाही में 4.9 फीसदी था।


IMF ने फिस्कल ईयर 2019-20 के लिए भारत की आर्थिक ग्रोथ के अनुमान को 0.3 फीसदी घटाकर 7 फीसदी कर दिया है। हालांकि IMF को अनुमान है कि फिस्कल ईयर 2021 में भारत की आर्थिक ग्रोथ बढ़कर 7.2 फीसदी हो सकती है। हालांकि IMF ने पहले 7.5 फीसदी ग्रोथ का अनुमान जताया था। 


अर्थव्यवस्था में सुस्ती की सबसे बड़ी वजह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और कृषि सेक्टर की कमजोरी है।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।