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इंद्राणी मुखर्जी ने शीना बोरा के ईमेल एक्सेस करने के लिए Google को पैसे दिए थे: CBI

इंद्राणी शीना बोरा के ईमेल का एक्सेस चाहती थी, ताकि लोगों को लगे कि शीना बोरा जिंदा हैं
अपडेटेड Feb 14, 2020 पर 19:35  |  स्रोत : Moneycontrol.com

शीना बोरा मर्डर केस (Sheena Bora Murder Case) की गुरुवार को हुई सुनवाई में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन (central bureau of investigation-CBI) ने बहुत ही चौंकाने वाली जानकारी दी है। CBI ने स्पेशल कोर्ट में कहा है कि इंद्राणी मुखर्जी ने शीना बोरा की हत्या के बाद उनके ईमेल अकाउंट को एक्सेस करने के लिए गूगल को पैसे दिए थे। CBI ने कहा है कि इंद्राणी शीना बोरा के ईमेल का एक्सेस चाहती थी, ताकि लोगों को लगे कि शीना बोरा जिंदा हैं। इसके लिए मुखर्जी ने गूगल को 2 डॉलर्स यानी 110 रुपए चुकाए थे।


Mumbai Mirror की रिपोर्ट के मुताबिक, सुनवाई के दौरान CBI के एक गवाह वर्ली के एक HDFC ब्रांच के मैनेजर नयन भाटिया ने बताया कि इंद्राणी मुखर्जी ने 17 जून, 2012 को गूगल को अपने क्रेडिट कार्ड के जरिए 110 रुपए चुकाया था। CBI ने कोर्ट में कहा कि बोरा की हत्या की आरोपी मुखर्जी ने हत्या के लगभग दो महीनों बाद शीना बोरा के ईमेल अकाउंट को एक्सेस करने के लिए यह पेमेंट किया था। मुखर्जी ने इसके लिए account recovery toolkit सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया था।


CBI ने कहा कि मुखर्जी का मकसद शीना के ईमेल से कई लोगों को मेल भेजना था ताकि उन्हें लगे कि शीना जिंदा हैं। इंद्राणी मुखर्जी ने उस वक्त यह दावा किया था कि शीना बोरा US में शिफ्ट हो गई हैं।


शीना बोरा मर्डर केस में इंद्राणी मुखर्जी पर अपनी ही बेटी की हत्या का आरोप है। CBI की चार्जशीट के मुताबिक, शीना बोरा की हत्या 24 अप्रैल, 2012 को हुई थी। पुलिस ने 2015 में इंद्राणी मुखर्जी के ड्राइवर को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद इंद्राणी पर अपने पूर्व पति संजीव खन्ना और पति पीटर मुखर्जी के साथ मिलकर शीना बोरा की हत्या करने और लाश ठिकाने का आरोप लगा।


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