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इनकम टैक्स रिटर्न: लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स भरना हुआ आसान, जानिए कैसे

शेयर या प्रॉपर्टी की बिक्री पर होने वाले मुनाफे पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है
अपडेटेड Jul 22, 2019 पर 14:28  |  स्रोत : Moneycontrol.com

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने वालों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। फिस्कल ईयर 2018-19 के लिए रिटर्न फाइल करने वालों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना आसान हो गया है। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTGC) टैक्स की जानकारी देने वाले कॉलम को भरना पहले काफी मुश्किल होता था लेकिन इस साल से यह आसान हो गया है।


शेयर या प्रॉपर्टी की बिक्री पर होने वाले मुनाफे पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है। फिस्कल ईयर 2018-19 में पहली बार LTGS टैक्स लगाया गया था। हालांकि 19 जुलाई को CBDT ने साफ कर दिया था कि अब खुद कैलकुलेट करके या अलग-अलग सेक्शन में भर सकते हैं।    


CBDT के नए अपडेट के मुताबिक, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के शिड्यूल 112A और 115AD(1)(iii) के मुताबिक, टैक्सपेयर्स के पास यह विकल्प होगा कि वह अलग-अलग सेक्शन में अपना लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन भर दें और उसके हिसाब से टैक्स कैलकुलेट हो जाएगा। यह सुविधा ITR-2, 3, 5 और 6 फॉर्म में है।  


यह ध्यान देना जरूरी है कि पहले शेयर और म्यूचुअल फंड पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगता था। लेकिन फिस्कल ईयर 2018-19 से एक फिस्कल ईयर में 1 लाख रुपए से ज्यादा प्रॉफिट होने पर 10 फीसदी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स चुकाना होगा।