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जवाहरलाल नेहरू के पैतृक घर आनंद भवन को मिला 4.35 करोड़ का हाउस टैक्स नोटिस

आनंद भवन, स्वराज भवन और जवाहर प्लेनेटेरियम को निगम की ओर से 4.35 करोड़ का नोटिस मिला है
अपडेटेड Nov 20, 2019 पर 15:07  |  स्रोत : Moneycontrol.com

इलाहाबाद यानी प्रयागराज में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के पैतृक निवास मशहूर आनंद भवन को प्रयागराज म्युनिसिपिल कॉर्पोरेशन की तरफ से हाउस टैक्स नोटिस भेजा गया है। आनंद भवन को निगम की ओर से 4.35 करोड़ का नोटिस मिला है। इसमें स्वराज भवन और जवाहर प्लेनेटेरियम भी शामिल हैं।


स्वराज भवन नेहरू परिवार पर आधारित स्मारक भवन या संग्रहालय जैसा है, वहीं आनंद भवन स्वतंत्रता संग्राम के वक्त से जुड़ी वस्तुओं का संग्रहालय है। इन दोनों की रखरखाव जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड के तहत की जाती है, जिसे कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी देखती हैं।


निगम ने कहा- हो रहा है कॉमर्शियल इस्तेमाल


News18 की खबर के मुताबिक, प्रयागराज नगर निगम ने इन बिल्डिंगों को इस आधार पर नोटिस भेजा है कि चूंकि इनका इस्तेमाल व्यावसायिक उद्देश्यों से हो रहा है, इसलिए इसपर हाउस टैक्स लगेगा। निगम के अधिकारियों ने बताया है कि इन भवनों का सर्वेक्षण कॉमर्शियल प्रॉपर्टी की तरह किया गया था।


निगम के चीफ टैक्स असेसमेंट ऑफिसर पीके मिश्रा ने बताया कि दो हफ्तों पहले निगम ने इन भवनों को हाउस टैक्स नोटिस भेजा था, जिसपर मेमोरियल फंड के प्रशासकीय सचिव एन बालाकृष्णनन ने एक चिट्ठी लिखकर जवाब दिया। उनकी इस चिट्ठी को ज़ोनल ऑफिस को भेज दिया गया है। निर्देश दिया गया है कि पेंडिंग ड्यूज़ पर एक विस्तार से सर्वे किया जाए। यह रिपोर्ट सामने आने पर ही आगे कोई कदम उठाया जाएगा।


जवाब आया- टैक्स से मिली हुई है छूट


एन बालाकृष्ण ने अपनी चिट्ठी में बताया है कि 2003-04 में फंड के पास 3,000 का सालाना बिल आया था, जिसे चुका दिया गया था। लेकिन 2004-05 में 24.67 लाख का बिल आया। इसके बाद 2013-2014 तक इतना बिल आता रहा, जो 2014-15 में 8.27 लाख हो गया।


उन्होंने बताया कि जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड एक चैरिटेबल ट्रस्ट है और किसी भी कॉमर्शियल एक्टिविटी में शामिल नहीं है। ट्रस्ट को नगर निगम एक्ट 1959 की धारा 117B के तहत ऐसे किसी भी टैक्स से छूट मिली हुई है। उन्होंने लिखा कि पिछले चार सालों से परिसर में कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ है, फिर भी टैक्स बढ़ा दिया गया। इसमें टैक्स असेसमेंट भी ठीक ढंग से नहीं किया गया है।


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