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84 सिख दंगों पर मनमोहन सिंह का बड़ा बयान- अगर नरसिम्हा राव ने गुजराल की सुनी होती तो नहीं होते दंगे

जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने थे तो उन्होंने 84 दंगों के लिए पूरे देश से माफी मांगी थी
अपडेटेड Dec 05, 2019 पर 16:07  |  स्रोत : Moneycontrol.com

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों को लेकर बड़ा बयान दिया है। मनमोहन सिंह ने एक कार्यक्रम में कहा कि अगर तत्कालीन गृहमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल की सुनी होती तो यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना नहीं हुई होती।


4 दिसंबर को आईके गुजराल के 100वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में हुए एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे मनमोहन सिंह ने कहा- जब 84 के दंगे हो रहे थे, तब गुजराल जी तत्कालीन गृहमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के पास गए और उनसे कहा कि हालात बेहद गंभीर हैं। सरकार को जितनी जल्दी हो सके सेना को बुलाना चाहिए लेकिन तब सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी। अगर उनकी यह सलाह सुनी गई होती तो 84 के सिख विरोधी दंगे नहीं हुए होते।


जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने थे तो उन्होंने 84 दंगों के लिए पूरे देश से माफी मांगी थी। उन्होंने सदन में कहा था- मुझे सिख समुदाय और पूरे देश से उन दंगों के लिए माफी मांगने में कोई हिचक नहीं है। मैं शर्म से अपना सिर झुका रहा हूं कि देश में ऐसी घटना हुई है।


तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख बॉडीगार्ड्स ने हत्या कर दी थी, जिसके बाद पूरे देशभर में सिखों के खिलाफ दंगे शुरू हो गए। उन दंगों में पूरे देशभर में 3,000 के आसपास लोगों की हत्या हुई थी। अकेले दिल्ली में ही 2,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। पूरे देश में सिख समुदाय के परिवारों को आगजनी, रेप और हत्या जैसी वीभत्सता का सामना करना पड़ा था।




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