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आधार को UAN के साथ लिंक करने का नया रूल क्या है, जानिए इसका क्या असर होगा

EPFO ने एक सर्कुलर में अपने सभी फील्ड ऑफिस से यह पक्का करने को कहा है कि एंप्लॉयर्स 1 सितंबर से इस रूल का पालन करने के लिए तैयार रहें
अपडेटेड Jun 17, 2021 पर 07:55  |  स्रोत : Moneycontrol.com

एंप्लॉयी प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) ने इलेक्ट्रॉनिक चालान और रिटर्न (ECR) जमा करने के लिए आधार नंबर को यूनिवर्सल एकाउंट नंबर (UAN) से लिंक करने की समयसीमा तीन महीने बढ़ाकर 1 सितंबर तक कर दी है। इससे पहले EPFO ने एक सर्कुलर में कहा था कि जिन मेबर्स के आधार नंबर को UAN के साथ लिंक्ड कराया जाएगा उन्हीं के लिए 1 जून से ECR जमा करने की अनुमति होगी।


EPFO ने 15 जून को जारी एक सर्कुलर में अपने सभी फील्ड ऑफिस से यह पक्का करने को कहा है कि एंप्लॉयर्स 1 सितंबर से इस रूल का पालन करने के लिए तैयार रहें।


आधार नंबर को UAN के साथ लिंक करना क्यों अनिवार्य हुआ है


EPFO ने सोशल सिक्योरिटी कोड के सेक्शन 142 के तहत यह निर्णय लिया है। इस सेक्शन में कहा गया है कि एंप्लॉयीज और असंगठित क्षेत्र के कर्मियों को लाइफ इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस बेनेफिट्स और प्रॉविडेंट फंड लेने के लिए अपनी पहचान या अपने परिवार के सदस्यों और आश्रितों की पहचान को आधार के जरिए तय करना होगा।


इस रूल का क्या असर होगा


EPFO ने एंप्लॉयर्स को निर्देश दिया है कि अगर PF एकाउंट को आधार से लिंक नहीं किया जाता या अगर UAN को आधार के जरिए वेरिफाई नहीं किया जाता तो उस एकाउंट के लिए ECR को जमा नहीं किया जाएगा। इसका मतलब है कि एंप्लॉयीज को PF एकाउंट में केवल अपना योगदान मिलेगा और एंप्लायर का योगदान उन्हीं नहीं मिल सकेगा।


इसके साथ ही यह भी बताया गया है कि अगर इस रूल का पालन नहीं किया जाता तो EPFO की ओर से दी जाने वाली सर्विसेज का EPF एकाउंट होल्डर्स इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।


EPFO के पास लगभग 6 करोड़ एक्टिव सब्सक्राइबर्स हैं और यह लगभग 14 लाख करोड़ रुपये के फंड को मैनेज करता है।


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