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निर्भया गैंगरेप केस: फांसी पर सवालों के बीच 17 दिसंबर को रिव्यू पीटिशन पर सुनवाई

एक दोषी अक्षय कुमार सिंह की ओर से कोर्ट में मौत की सजा के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई है
अपडेटेड Dec 13, 2019 पर 09:13  |  स्रोत : Moneycontrol.com

निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों में से एक की पुनर्याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 17 दिसंबर को सुनवाई कर सकता है। इन दोषियों को फांसी की मांग लगातार उठ रही है। वहीं, एक दोषी अक्षय कुमार सिंह की ओर से कोर्ट में मौत की सजा के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई है। दोषी ने तर्क दिया है कि मौत की सजा पर अमल अपराध को नहीं बल्कि सिर्फ अपराधी को मारता है।


इस याचिका में कहा गया है- शासन को सिर्फ यह साबित करने के लिए लोगों की मौत की सजा पर अमल नहीं करना चाहिए कि वह आतंक या महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर हमला कर रहा है। उसे बदलाव के बारे में सुनियोजित तरीके से सुधार के लिए काम करना चाहिए। फांसी की सजा पर अमल सिर्फ अपराधी को मारता है, अपराध को नहीं।


इस समय दिल्ली की एक जेल में बंद अक्षय ने अपनी याचिका में कहा है कि मौत की सजा बेरहमी से हत्या है और यह दोषियों को सुधरने का मौका नहीं देती है। याचिका में मौत की सजा खत्म करने की कारणों का जिक्र करते हुए कहा है कि ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे पता चलता हो कि इस दंड का भय पैदा करने का कोई महत्व हो।


बता दें कि इस केस में छह दोषी थे, जिन्हें दिल्ली हाईकोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी। इनमें से एक ने आत्महत्या कर ली। एक नाबालिग था, उसे जुवेनाइल होम भेज दिया गया। 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को सही ठहराते हुए यह सजा बरकरार रखी थी। इस फैसले के खिलाफ बाकी तीन दोषियों ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी, जो खारिज हो चुकी हैं। 


सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल नौ जुलाई को इस बर्बरतापूर्ण अपराध के तीन दोषियों 30 वर्षीय मुकेश, 23 वर्षीय पवन गुप्ता और 24 वर्षीय विनय शर्मा की पुनर्विचार याचिकाएं खारिज कर दी थीं। कोर्ट का कहना था कि इनमें 2017 के फैसले पर पुनर्विचार का कोई आधार नहीं है।


चौथे दोषी अक्षय कुमार सिंह ने अभी तक याचिका दाखिल नहीं की थी, अब जाकर की है, जिसपर 17 दिसंबर को कोर्ट सुनवाई करेगा।


16 दिसंबर 2012 की वो घटना


दक्षिण दिल्ली में 16-17 दिसंबर, 2012 की रात चलती बस में छह व्यक्तियों ने 23 वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद उसे बुरी तरह जख्मी करके सड़क पर फेंक दिया था। निर्भया का बाद में 29 दिसंबर, 2012 को सिंगापुर में माउन्ट एलिजाबेथ अस्पताल में निधन हो गया था। दिल्ली की निचली अदालत ने दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी, जिसकी दिल्ली हाईकोर्ट ने पुष्टि की थी।


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