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सरकारी बैंकों के विलय का ऐलान, कर्मचारियों की छंटनी नहीं की जाएगी

मर्जर के बाद सरकारी बैंकों के संख्या 12 रह गई, विलय के बाद पंजाब नेशनल बैंक दूसरा सबसे बड़ा बैंक बना
अपडेटेड Sep 01, 2019 पर 14:05  |  स्रोत : Moneycontrol.com

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा, अभी हम 2.7 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था है। हमारी अर्थव्यवस्था 5 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बनने की तरफ बढ़ रही है। उन्होंने कहा सरकारी बैंकों में सुधार की बड़ी जरूरत है। अभी तक 8 सरकारी बैंकों ने PSU बैंकों रेपो रेट पर आधारित ब्याज दर की शुरुआत की है। मुश्किल हालात में 4 NBFCs को सरकारी बैंकों से मदद मिली है। सीतारमण ने कहा कि मौजूदा दौर में बैंकिंग सेक्टर में सुधार की बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा, सरकार ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है।


-सीतारमण ने कहा कि सरकार लोन की ग्रोथ बढ़ाने के लिए अहम कदम उठा रही है।


-बैंक फ्रॉड रोकने के लिए CBS में सख्ती कर रही है।


-गारंटी प्लान के तहत NBFCs को 3300 करोड़ रुपए मिले।


- उन्होंने कहा हमें फाइनेंशियल सेक्टर को मजबूत करने की जरूरत है। हमारी सरकार आने के बाद 3.38 लाख कागजी कंपनियां बंद हुई हैं। किसी भी प्रोजेक्ट की फंडिंग के लिए बैंकों के कंसॉर्शियम में अब 7 से 9 बैंक ही शामिल हो सकते हैं। प्रोजेक्ट चाहे जितना भी बड़ा हो लेकिन कंसोर्शियम में बैंकों की संख्या नहीं बढ़ेगी।


-ग्रॉस NPA में कमी आई है। यह 8.65 लाख करोड़ रुपए से घटकर 7.9 करोड़ रुपए पर आ गया है।


-बैंकों का मुनाफा बढ़ा है। कुल 18 सरकारी बैंकों में से 6 बैंकों ने फिस्कल ईयर 2019 की चौथी तिमाही में मुनाफा दिखाया था। अब फिस्कल ईयर 2019-20 की पहली तिमाही में 14 बैंक मुनाफे में रहे। बैंकों की एसेट क्वालिटी में काफी सुधार हुआ है।


-बैंक ऑफ बड़ौदा में देना बैंक और विजया बैंक के विलय पर सीतारमण ने कहा, विलय के बाद CASA ग्रोथ में इजाफा हुआ है।


-पंजाब नेशनल बैंक के साथ ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC) और यूनाइटेड बैंक का विलय होगा। पंजाब नेशनल बैंक दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक बन जाएगा। इसका कारोबार 1.75 लाख करोड़ रुपए का होगा। इसके पास कुल 11,437 ब्रांच होंगे। विलय की इस योजना से पहले हमने बेसिल के नियमों पर RBI के गाइडलाइंस का ध्यान रखा है।


-केनरा बैंक में सिंडिकेट बैंक का विलय होगा। यह देश का चौथा सबसे बड़ा सरकारी बैंक बन जाएगा। इसका कारोबार 15.20 लाख करोड़ रुपए का होगा।


-यूनियन बैंक में आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का विलय होगा। इसका बिजनेस 14.59 करोड़ रुपए का होगा। बैंकों के विलय ने नेटवर्क ओवरलैप नहीं होगा और बैंकों का खर्च बचेगा। 


-इंडियन बैंक का इलाहाबाद बैंक में विलय होगा। विलय के बाद यह देश का सातवां सबसे बड़ा सरकारी बैंक बन जाएगा। इसका कारोबार 8.08 लाख करोड़ रुपए का होगा। 


-मर्जर की तारीख का ऐलान बाद में किया जाएगा।


-सरकारी बैंकों का 88 फीसदी बिजनेस इन कंसॉलिडेटेड बैंकों के साथ है।


-क्षेत्रीय बैंकों के मजबूत कामकाज को देखते हुए इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पंजाब एंड सिंध बैंक अपना कामकाज पहले की तरह करते रहेंगे।


-2017 में 27 सरकारी बैंक थे। अब सरकारी बैंकों की संख्या सिर्फ 12 रह गई है। देश को 5 लाख करोड़ रुपए की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।


-सरकारी बैंकों के बोर्ड को CGM पेश करने की सुविधा दी गई है। सरकारी बैंक एक चीफ रिस्क ऑफिसर नियुक्त कर सकते हैं जिसकी सैलरी मार्केट लेवल के हिसाब से होगा।


-बैंकों में गवर्नेंस को बेहतर बनाने के लिए बोर्ड को यह अधिकार दिया गया है कि वह नॉन ऑफिशियल डायरेक्टर्स की सिटिंग फीस बढ़ाए।


-सरकारी बैंकों को बोर्ड को यह अधिकार दिया गया है कि वो डायरेक्टर्स को ट्रेनिंग दें।


-बैंक ऑफ बड़ौदा में सरकार 7000 करोड़ रुपए का फंड डालेगी।


-केनरा बैंक में 6500 करोड़ रुपए में निवेश करेगी सरकार।


-यूनियन बैंक में 11,700 करोड़ रुपए का निवेश करेगी सरकार।


-यूनाइटेड बैंक में 1600 करोड़ रुपए डालेगी सरकार।


-ओवरसीज बैंक में


बैंक मर्जर को लेकर एक चिंता ये होती है कि नई सूरत में क्या कर्मचारियों की बैंकों में कहीं छंटनी तो नहीं होगी। वित्त मंत्री से सीएनबीसी- आवाज़ के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण रॉय ने ये सवाल पूछा। सरकार ने इस पर कहा कि बैंक मर्जर से कर्मचारियों का फायदा ही होगा, नुकसान नहीं।



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