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बिजनेसमैन पर ज्यादा टैक्स लगाकर गरीबों के लिए वेलफेयर स्कीम बने: अभिजीत बनर्जी

अभिजीत बनर्जी सरकार की उन नीतियों की सराहना कर रहे हैं जो गरीबों के लिए हैं
अपडेटेड Oct 21, 2019 पर 19:08  |  स्रोत : Moneycontrol.com

इस साल इकोनॉमिक्स का नोबल पाने वाले अभिजीत बनर्जी का मानना है कि वैश्विक गरीबी (Global Poverty) से निपटने के लिए एक्सपेरिमेंट पर आधारिक नजरिया अपनाना होगा।  इकोनॉमिक्स का नोबल देने वाली रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज के मुताबिक, इस नजरिया ने डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स को बदल दिया है। बनर्जी मेसाच्यूसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में इकोनॉमिक्स के फोर्ड फाउंडेशन इंटरनेशनल प्रोफेसर हैं। अभिजीत बनर्जी, एस्टर डफलो और माइकल क्रेमर को इस साल इकोनॉमिक्स का नोबल दिया गया है। इकोनॉमिस्ट एस्टर डफलो, अभिजीत बनर्जी की पत्नी है।


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मिंट के मुताबिक, अभिजीत बनर्जी सरकार की उन नीतियों की सराहना कर रहे हैं जो गरीबों के लिए हैं। लेकिन कॉरपोरेट के टैक्स घटाने पर उनकी सहमति नहीं है। उनका मानना है कि बिजनेसमैन पर ज्यादा टैक्स लगाकर उससे गरीबों के लिए कल्याणकारी कामों की फंडिंग कर सकते हैं। बनर्जी का कहना है कि इससे गरीबों की मदद भी होगी और फिस्कल डेफेसिट भी नहीं बढ़ेगा।


नोबेल पुरस्कार विजेता और जाने माने अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी ने मोदी सरकार की जनधन, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत योजना के साथ साथ दूसरी आम लोगों से जुड़ी योजनाओं की तारीफ़ की है। NEWS18 से खास बातचीत में अभिजीत बनर्जी ने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं आम लोगों का जीवन बचाएंगी और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। जबकि जनधन योजना से आम लोग बचत कर सकेंगे। इतना ही नहीं नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी ने आधार कार्ड को बैंक और LPG सब्सिडी से जोड़ने की भी तारीफ  की। इसके अलावा कांग्रेस की न्याय योजना का ज़िक्र करते हुए कहा कि इस योजना का डिज़ाइन ठीक नहीं है। उन्होंने कांग्रेस को इससे जुड़े कुछ आंकड़े दिए थे बाकि उनकी कोई भूमिका नहीं थी।


यह पूछे जाने पर कि ज्यां द्रेज़ जैसे कुछ इकोनॉमिस्ट मानते हैं कि रैंडमाइज्ड कंट्रोल्ड ट्रायल्स (RCT) पर आधारित पॉलिसी से इकोनॉमी को नुकसान भी होता है और गरीबी को दूर करने में ज्यादा मदद भी नहीं मिलती। इस पर बनर्जी ने कहा, मैं कुछ खास वजह से इस बात से सहमत नहीं हूं। मुझे नहीं लगता कि मेरे पास यह चुनने की लग्जरी है कि मैं RCT को अपना लूं या नहीं। बनर्जी ने कहा, "मैं लॉन्ग टर्म सस्टेनेबल ग्रोथ के बारे में नहीं जानता। और ना ही मैं गरीबों के लिए पॉलिटिकल सिस्टम को बदलना जानता हूं। मैं सिर्फ लोगों के लिए कुछ उपयोगी काम करना चाहता हूं।" 


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