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Noble Prize विजेता इकोनॉमिस्ट अभिजीत बनर्जी से ही NYAY के लिए कांग्रेस ने मांगा था सुझाव

कांग्रेस ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना NYAY (Nyuntam Aay Yojana) के लिए बनर्जी से सुझाव मांगा था
अपडेटेड Oct 15, 2019 पर 08:55  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारतीय मूल के अमेरिकन इकोनॉमिस्ट अभिजीत बनर्जी को सोमवार को 2019 के इकोनॉमिक साइंसेज के नोबल के लिए चुना गया है। दिलचस्प है कि बनर्जी उन इकोनॉमिस्ट्स में से हैं, जिनसे अपनी महत्वाकांक्षी योजना NYAY (Nyuntam Aay Yojana) के लिए कांग्रेस ने मदद मांगी थी।


कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनावों के अपने मेनिफेस्टो में इसे अपने फ्लैगशिप सोशल वेलफेयर स्कीम की तरह जगह दी थी। इस स्कीम में निम्न गरीबी के स्तर पर जी रहे 20 फीसदी परिवारों को 72,000 रुपए सालाना देने का प्लान था।


कांग्रेस की इस योजना में अपने सुझाव देने के वाले इकोनॉमिस्ट बनर्जी का बिजनेस टुडे ने पिछले साल एक इंटरव्यू लिया था, जिसमें उन्होंने इस योजना की बारीकियां समझाई थीं। उन्होंने बताया कि उन्होंने फिस्कल डिसिप्लीन को ध्यान में रखकर कांग्रेस को 2,500 रुपए प्रति महीने की एक न्यूनतम आय गारंटी रखने का सुझाव दिया था। लेकिन कांग्रेस ने 3.60 लाख करोड़ के आउटले के साथ 6,000 करोड़ प्रति महीने के खर्चीले और महात्वाकांक्षी प्रस्ताव की घोषणा की।


इस पर बनर्जी का कहना था कि 2,500-3,000 रुपए प्रति महीने अच्छी शुरुआत होती। उनका कहना था कि इतने बड़े आंकड़े का मतलब है कि सरकार को अतिरिक्त स्रोतों से ऊंचे टैक्स लेकर NYAY के लिए फंडिंग करनी होगी। उनका कहना था कि कुछ बड़े टैक्स रिफॉर्म करने होंगे, चाहे किसी की भी सरकार आए। लेकिन इसके लिए फिस्कल स्पेस नहीं है। इसके लिए टैक्स फ्लैक्सिबिलिटी क्रिएट करनी होगी।


1961 में कोलकाता में जन्मे अभिजीत बनर्जी ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, प्रेसिडेंसी यूनिवर्सिटी और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से शिक्षा ली है। फिलहाल वो मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पढ़ाते हैं। खास बात है कि इस साल उनके साथ उनकी पत्नी एस्टर डफ्लो को भी इसी क्षेत्र में संयुक्त रूप से नोबल मिला है।


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