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क्या RBI की वजह से नॉर्थ इंडिया में बढ़ रहा है प्रदूषण, पढ़िए रिपोर्ट

साल 2016-17 में IOCL, BPCL और HPCL ने 2G Ethanol Plants स्थापित करने का फैसला किया। लेकिन योजना परवान नहीं चढ़ पाई।
अपडेटेड Nov 06, 2019 पर 08:55  |  स्रोत : Moneycontrol.com

उत्तर भारत में प्रदूषण के चलते हालात बेहत खराब हैं। देश के अन्य हिस्सों में भी इन दिनों प्रदूषण से जीना दूभर हो रहा है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और बिहार समेत कई प्रदेशों में हवा में प्रदूषण फैल गया है। दिल्ली-NCR के हालात तो बेहद खराब हैं। देश की राजधानी दिल्ली में तो वायु प्रदूषण जमकर सुर्खियों में हैं। दिल्ली के प्रदूषण से सुप्रीम कोर्ट और प्रधानमंत्री कार्यालय भी हरकत में आ गया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को प्रदूषण के बारे में क्या कर रहे हैं, इस पर जवाब भी मांगा है। ऐसे में जाहिर है कि प्रदूषण से दिल्ली बेहाल है। दिल्ली वासी ही क्या उत्तर भारत के कई हिस्सों में दम घुटने लगा है।


इस प्रदूषण का सबसे बड़ा ठीकरा किसानों पर फोड़ा जा रहा है। कहा जा रहा है कि पराली जलाने की वजह से प्रदूषण फैल रहा है। सवाल ये है कि आखिर किसान पराली का करेंगे क्या, उनके पास तो पराली को जलाने के सिवाय कोई ऑप्शन भी मौजूद नहीं है।
लेकिन पराली का समाधान एक योजना में है। इस योजना के जरिए पराली न जलाकर उसका दूसरी तरह से उपयोग किया जा सकता है। लेकिन इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए Reserve Bank of India का एक ऐसा नियम आड़े हाथों आ रहा है, जिससे बड़ी-बड़ी कंपनियां लोन नहीं हासिल कर पा रही हैं।


दरअसल दिल्ली में पराली जलाने की समस्या को समाधान के लिए 2G Ethanol Plants (एथेनॉल प्लान्ट्स) हैं। पराली जैसी चीजों का उपयोग करके 2G Ethanol उत्पादन किया जाता है। Ethanol बनाने के लिए मकाई, पराली, गेहूं के भूसे के जरिए बनाया जाता है। 
साल 2016-17 में 2G Ethanol Plants लगाने के लिए Indian Oil Corporation (IOCL), Bharat Petroleum Corporation (BPCL) and Hindustan Petroleum Corporation (HPCL) जैसी कंपनियां आगे आईं। लेकिन RBI के एक नियम से इन कंपनियों की योजना ठंडे बस्ते में चली गईं।


कई बड़े बैंक इन कंपनियों को लेन देने के लिए आगे आए, लेकिन RBI के नियमों के चलते वो लोन देने में पीछे हट गए।


RBI का नियम है कि कैपिटल बेस के 20 फीसदी ज्यादा Single Borrower को लोन नहीं दिया जाता। लिहाजा बैंक चाहकर भी इन कंपनियों को लोन नहीं दे पाए। और इस तरह से 2G Ethanol Plants स्थापित नहीं हो सके। लिहाजा किसानों के पास पराली जलाने के सिवाय अभी तक कोई ऑप्शन नहीं है।


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