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SC की माल्या को फटकार, कहा- अभी तक एक पैसे नहीं दिए

जस्टिस नरीमन ने माल्या केस से नाम वापस ले लिया है। चीफ जस्टिस बोबड़े इस मामले की सुनवाई करने के लिए अगली पीठ का गठन करेंगे।
अपडेटेड Jan 20, 2020 पर 16:01  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को सुप्रीम कोर्ट से कड़ी फटकार लगी है। सुप्रीम कोर्ट ने माल्या से कहा कि उसने बैंकों को दी जाने वाली एयरलाइंस किंगफिशर के पैसों को नहीं चुकाया है। जस्टिस नरीमन ने कह है कि विजय़ माल्या ने अभी तक एक भी पैसे नहीं दिए हैं। हालांकि नरीमन ने इस केस से अपना नाम वापस ले लिया है। कहा जा रहा है कि जस्टिस नरीमन के पिता सीनियर एडवोकेट फली नरीमन आरोपी विजय माल्या के एक दूसरे केस में कर चुके हैं। जस्टिस नरीमन के नाम वापस लेने पर चीफ जस्टिस बोबड़े इस मामले की सुनवाई करने के लिए अगली पीठ का गठन करेंगे।


दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के उस फैसले को जुनौती दी गई है, जिसमें कहा गया था कि ED की ओर से जब्त की गई संपत्ति को बैंकों को देकर माल्या की ओर से ली गई कर्ज की रकम वसूली जाए।


बता दें कि 12 बैंकों ने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ED द्वारा जब्त की गई विजय माल्या की संपत्ति को देने की गुहार लगाई है। विजय ने इसके विरोध में पिछले साल जून में सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। माल्या ने तर्क दिया कि जांच एजेंसियों द्वारा उनके ऊपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।


इस महीने की आखिरी सुनवाई में दूसरे सबसे वरिष्ठ वकील तुषार मेहता ने जोर देकर कहा था कि माल्या और उनकी कंपनियां कई सालों से कह रही थी कि वो लोन चुकाएंगे। लेकिन अभी तक एक भी पैसा नही दिया है।


मालूम हो कि विजय माल्या ने भारतीय बैंकों से लिए 9,000 करोड़ रुपये के कर्ज चुकाए बिना ही भारत से भाग गया था और मैजूदा समय में प्रत्यर्पण संबंधी प्रक्रियाओं से गुजर रहा है।


विजय माल्या को पिछले साल दिल्ली की एक अदालत ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था जिसने उनकी संपत्तियों को जब्त करने की कार्यवाही भी शुरू कर दी थी।
माल्या ने तर्क दिया कि किंगफिशर एयरलाइंस के अलावा कोई भी संपत्ति अटैच नहीं की जा सकती है।


बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले महीने विजय माल्या के मुंबई में विशेष अदालत के समक्ष कार्यवाही पर रोक लगाने की अर्जी को खारिज कर दिया था जिसमें उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए गए थे।


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