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करतारपुर कॉरिडोर उद्घाटन के दिन Ayodhya Verdict आने पर पाकिस्तान को दिक्कत, भारत को बताया असंवेदनशील

पाकिस्तान को इस बात पर एतराज है कि सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला उस दिन दिया है जब पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन कर रहा था
अपडेटेड Nov 11, 2019 पर 09:00  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अयोध्या पर शनिवार को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पाकिस्तान की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई है। भारत के हर आंतरिक मसले पर नाक-भौं सिकोड़ने वाले पाकिस्तान को इस बात पर एतराज है कि सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला उस दिन दिया है जब पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन कर रहा था। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने करतारपुर गलियारा खोले जाने के दिन अयोध्या मामले में आए फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह इस तरह के खुशी के मौके पर दिखाए गई  "असंवेदनशीलता" से "बेहद दुखी"हैं।


सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या में विवादित स्थल राम जन्मभूमि पर मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के निर्माण के लिए पांच एकड़ भूमि आवंटित की जाए।


डॉन न्यूज टीवी ने कुरैशी के हवाले से कहा- क्या इसको थोड़े दिन टाला नहीं जा सकता था? मैं इस खुशी के मौके पर दिखाई गई असंवेदनशीलता से बेहद दुखी हूं। करतारपुर गलियारे के बहुप्रतीक्षित उद्घाटन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा- आपको इससे ध्यान भटकाने की बजाय इस खुशी के मौके का हिस्सा बनना चाहिए था। यह विवाद संवेदनशील था और उसे इस शुभ दिन का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए था।


पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि मुस्लिम भारत में पहले ही काफी दबाव में है और भारतीय अदालत का यह फैसला उन पर और दबाव बढ़ाएगा।


इस बीच, पाकिस्तान के विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद हुसैन ने फैसले को शर्मनाक, बेहुदा, अवैध और अनैतिक करार दिया। सरकारी पाकिस्तानी रेडियो की एक खबर के अनुसार सूचना और प्रसारण मामलों में प्रधानमंत्री की विशेष सहायक फिरदौस एवान ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारतीय शीर्ष अदालत ने बता दिया कि वह स्वतंत्र नहीं है। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां करतारपुर गलियारा खोल पाकिस्तान अल्पसंख्यकों के अधिकार सुनिश्चित कर रहा है वहीं दूसरी ओर भारत मुसलमानो सहित अल्पसंख्यकों पर जुल्म कर रहा है।


बता दें कि शनिवार को पाकिस्तान में बनाए गए करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन किया गया। यह गलियारा गुरदासपुर में बाबा नानक गुरुद्वारे को पाकिस्तान के करतारपुर स्थित दरबार साहिब से जोड़ता है। यहां गुरु नानक देव ने अपने जीवन के अंतिम वर्ष बिताए थे। गुरुद्वारा करतारपुर साहिब पाकिस्तान की रावी नदी के पास स्थित है और पंजाब के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से करीब चार किलोमीटर दूर है। इस साल 12 नवंबर को गुरु नानक की 550वीं जयंती के जश्न के हिस्से के रूप में इसे खोला गया है।


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