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प्री-बजट मीटिंग में FM को ना बुलाने पर चव्हाण ने कहा, पीएम अगर काम से खुश नहीं हैं तो हटा दें

पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि बजट भले ही फाइनेंस मिनिस्टर पढ़ें, लेकिन यह भाषण पीएम मोदी का होगा
अपडेटेड Jan 23, 2020 पर 14:39  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री कार्यालय (Prime Minister Office-PMO) में प्री बजट मीटिंग्स हो रही हैं। लेकिन इन मीटिंग्स में फाइनेंस मिनिस्टर को आमंत्रित नहीं किया जा रहा है। अगर पीएम मोदी सीतारमण के प्रदर्शन से खुश नहीं है तो उन्हें इस्तीफा देने के लिए कहना चाहिए।
चव्हाण ने आगे कहा कि 1 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा। यूपीए के शासन के दौरान प्री बजट मीटिंग्स फाइनेंस मिनिस्ट्री में ही आयोजित होती थी। पूरी बजट प्रकिया फाइनेंस मिनिस्ट्री में फाइनेंस मिनिस्टर के मार्गदर्शन में होती हैं।


उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी कम से कम 13 प्री बजट मीटिंग कर चुके हैं। जिनमें से टॉप बिजनेसमैन शामिल हुए। लेकिन किसी भी मीटिंग्स में सीतारमण आमंत्रित नहीं की गईं। क्या यह इशारा है कि प्रधानमंत्री को उनकी प्रदर्शन पर भरोसा नहीं है। अगर ऐसा है तो उन्हें हटा देना चाहिए। चव्हाण ने कहा कि ऐसे में फाइनेंस मिनिस्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों का मनोबल गिरेगा।


उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि पीएम ने फाइनेंस मिनिस्ट्री को अपने नियंत्रण में ले लिया है। उन्होंने ये भी कहा कि ये बजट भाषण भले ही फाइनेंस मिनिस्टर के द्वारा पढ़ा जाएगा, लेकिन यह पूरी तरह से पीएम मोदी का भाषण होगा।


उन्होंने देश की ग्रोथ रेट पर कहा कि देश की ग्रोथ रेट सबसे कम है। जो कि यह अपने सबसे निचले स्तर पर है। इसलिए प्रति व्यक्ति आय में सुधार नहीं होगा। ऐसे में मोदी सरकार को 5 ट्रिलिय़न डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल कर पाना संभव नहीं दिख रहा है।


विदेश में जमा ब्लैक मनी पर चव्हाण ने कहा कि पनामा पेपर्स की जांच में जिन लोगों के नाम सामने आए, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जैसे देश ने पूर्व पीएम नवाज शरीफ जब उनका नाम सामने आया तो नवाज के खिलाफ कार्रवाई की गई।


इस बीच उन्होंने ये भी दावा किया साल 2014 में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस से संपर्क किया था।


हालांकि शिवसेना ने इस दावे का खंडन कर दिया है। लेकिन चव्हाण ने कहा कि वो अपने बयान पर कायम हैं। मुंबई में 26 जनवरी से रेस्टोरेंट और मॉल खुले रहने की मिली मंजूरी पर कहा कि ये अभी प्रयोग के तौर पर शुरू किया गया है। अगर सफल रहा तो इसे पुणे में भी शुरू किया जाएगा।
 


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