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धूल भरे थपेड़ों और प्रदूषण के बीच लौटा Smog, क्यों है ज्यादा खतरनाक

प्रकाशित Mon, 13, 2019 पर 18:46  |  स्रोत : Moneycontrol.com

दिल्ली में धुंध लौट आया है। गर्मी के धूल भरे थपेड़ों और प्रदूषण ने मिलकर कुछ दिनों से शहर को भूरे चादर में लपेट रखा है। सर्दियां शुरू होते ही दिल्ली के आसमान में धुंध की चादर बिछ जाती है, लेकिन इस बार मई की गर्मी में इस धुंध ने शहर के सामने समस्या खड़ी कर दी है। दिल्ली में पिछले कुछ दिनों में प्रदूषण भी बहुत बढ़ गया है। 12 मई को एयर क्वालिटी इंडेक्स पर हवा की गुणवत्ता 381 दर्ज की गई थी।


पिछले दो दिन से धूल भरी हवाएं चल रही थीं, जो प्रदूषक कारकों से मिलकर धुंध में बदल गईं।  भूरापन लिए इस धुंध में नाइट्रोजन ऑक्साइड्स की हाई कॉन्सन्ट्रेटेड मात्रा होती है। नाइट्रोजन ऑक्साइड प्रदूषित वातावरण में मौजूद हाइड्रोकॉर्बन्स से धूप में रिएक्शन करके ओज़ोन बनाता है, जिसकी वजह से धुंध काफी मोटी हो जाती है.


इसके पीछे सबसे बड़ा कारण अलग-अलग कारणों से फैलने वाला प्रदूषण है। दिल्ली में प्रदूषण पैदा करने में सबसे ज्यादा गाड़ियों से निकलने वाले धुएं, धूल और इंडस्ट्रीज से निकलने वाले प्रदूषकों का हाथ होता है। यही प्रदूषक मिलकर धुंध तैयार करते हैं।


धुंध में मौजूद ओजोन की वजह से सांस संबंधी भयंकर बीमारियां हो सकती हैं। इससे अस्थमा और क्रोनिक ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियां होने की आशंका बहुत बढ़ जाती है। इसलिए बच्चों-बूढ़ों, किसी भी तरह की एलर्जी के शिकार लोगों को जितना हो सके, इस माहौल में कम निकलना चाहिए।