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जीत के बाद 5-6 सेकंड के लिए मैं सब कुछ भूल गई थी, मुझे नहीं पता था कि क्या करना है: पीवी सिंधु

पीवी सिंधु ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं
अपडेटेड Aug 02, 2021 पर 17:52  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने लगातार दूसरे ओलंपिक में पदक जीता और पुरुष हॉकी टीम ने सेमीफाइनल में जगह बनाकर 41 साल बाद पदक की तरफ कदम बढ़ाए जिससे टोक्यो ओलंपिक खेलों में रविवार का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक बन गया।


रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता और विश्व चैंपियन छठी वरीय पीवी सिंधु ने रविवार को चीन की आठवीं वरीय ही बिंग जियाओ (He Bing Jiao) को सीधे गेम में 21-13, 21-15 से हराकर महिला एकल स्पर्धा का कांस्य पदक जीता और ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं।


सिंधू से पहले दिग्गज पहलवान सुशील कुमार बीजिंग 2008 खेलों में कांस्य और लंदन 2012 खेलों में रजत पदक जीतकर ओलंपिक में दो व्यक्तिगत पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे।


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सिंधू ने कांस्य पदक जीतने के बाद कहा कि मैं काफी खुश हूं क्योंकि मैंने इतने वर्षों तक कड़ी मेहनत की है। मेरे अंदर भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा था- मुझे खुश होना चाहिए कि मैंने कांस्य पदक जीता या दुखी होना चाहिए कि मैंने फाइनल में खेलने का मौका गंवा दिया।


उन्होंने कहा कि मैं सातवें आसमान पर हूं। मैं इस लम्हें का पूरा लुत्फ उठाऊंगी। मेरे परिवार ने मेरे लिए कड़ी मेहनत की है और काफी प्रयास किए जिसके लिए मैं उनकी आभारी हूं।


सिंधु ने एक वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि सेमीफाइनल में हार के बाद मैं निराश थी क्योंकि मैं गोल्ड मेडल के लिए चुनौती पेश नहीं कर पाई। कोच पार्क ने इसके बाद मुझे समझाया कि अगले मैच पर ध्यान दो। चौथे स्थान पर रहकर खाली हाथ स्वदेश लौटने से बेहतर है कि कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवांवित करो।


उन्होंने कहा कि कोच के शब्दों ने मुझे प्रेरित किया और मैंने अपना पूरा ध्यान कांस्य पदक के मुकाबले पर लगाया। मैच जीतने के बाद 5-6 सेकंड तक मैं सब कुछ भूल गई थी। इसके बाद मैंने खुद को संभाला और जश्न मनाते हुए चिल्लाई।


सिंधु से जब रियो ओलंपिक से टोक्यो ओलंपिक के बीच के पांच साल के सफर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने इस दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखे, जीत मिली तो हार का भी सामना करना पड़ा लेकिन वह मजबूत बनकर उभरी।


उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में पूरा खेल बदल गया, मैंने कुछ मुकाबले गंवाए तो कुछ मैचों में जीत भी दर्ज की। मैंने इस दौरान काफी अनुभव हासिल किया और विश्व चैंपियन भी बनी।


लोकसभा ने स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी को टोक्यो ओलंपिक खेलों में कांस्य पदक जीते पर सोमवार को बधाई दी। सदन की कार्यवाही शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ओलंपिक खेलों में पीवी सिंधू के कांस्य पदक जीतने का उल्लेख किया और बधाई दी जिस पर सभी सदस्यों ने मेजें थपथपाईं।


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