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आमदनी और खर्च में बिगड़ा रेलवे का बैलेंस, 10 सालों में सबसे खराब परफॉर्मेंस

रेलवे का ऑपरेटिंग रेशियो वित्त वर्ष 2017-18 में 98.44 फीसदी पर दर्ज किया गया है
अपडेटेड Dec 03, 2019 पर 09:53  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारतीय रेलवे का परिचालन अनुपात (operating ratio) यानी खर्च और आमदनी का अनुपात पिछले 10 सालों में अपने सबसे खराब स्तर पर है। यह अनुपात वित्त वर्ष 2017-18 में 98.44 फीसदी पर दर्ज किया गया है। सोमवार को नेशनल ऑडिटर नियंत्रक व महालेखा परीक्षक यानी CAG ( Comptroller and Auditor General) ने संसद में इससे जुड़ी रिपोर्ट शेयर की।


बता दें कि रेलवे के ऑपरेटिंग रेशियो से मतलब उसके खर्चे और आमदनी का फर्क है। यानी कि रेलवे ने 100 रूपए कमाने के लिए 98.44 रुपए खर्च किए हैं।


रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रेलवे का ऑपरेटिंग रेशियो वित्त वर्ष 2017-18 में 98.44 फीसदी रहने का मुख्य कारण पिछले साल 7.63 फीसदी ऑपरेशनल कॉस्ट की तुलना में ऊंची वृद्धि दर का 10.29 प्रतिशत होना है।


इसमें बताया गया है कि वित्त वर्ष 2008-09 में रेलवे का OR 90.48 प्रतिशत था जो 2009-10 में 95.28 प्रतिशत, 2010-11 में 94.59 प्रतिशत, 2011-12 में 94.85 प्रतिशत, 2012-13 में 90.19 प्रतिशत, 2013-14 में 93.6 प्रतिशत, 2014-15 में 91.25 प्रतिशत, 2015-16 में 90.49 प्रतिशत, 2016-17 में 96.5 प्रतिशत तथा 2017- 18 में 98.44 प्रतिशत दर्ज किया गया ।


कैग की रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि रेलवे को आंतरिक राजस्व यानी Internal Revenue बढ़ाने के लिए उपाय करने चाहिए ताकि सकल और अतिरिक्त बजटीय संसाधनों पर निर्भरता रोकी जा सके।


इसमें सिफारिश की गई है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान रेलवे की ओर से उठाए गए खर्चों में पूंजीगत व्यय में कटौती हुई है। रेलवे पिछले दो सालों में IBR-IAF के तहत जुटाए गए पैसों को खर्च नहीं कर सका।


रिपोर्ट में कहा गया है कि रेलवे बाजार से मिले फंड का पूरी तरह से इस्तेमाल तय किया जाना चाहिए।




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