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Coronavirus: कोरोना मरीजों के लिए रेलवे के कोच बन सकते आइसोलेशन वार्ड

रेलवे की रोजाना 13,523 ट्रेनें चलती है, जो कि अब 14 अप्रैल तक सभी यात्री सेवाओं के लिए रद्द कर दिया गया है
अपडेटेड Mar 27, 2020 पर 09:18  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप से पूरा देश त्रस्त है। दुनिया के कई देश इसकी चपेट में आ चुके हैं। देश में भी कोरोना के संक्रमित मामलों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। ऐसे हालात में इंडियन रेलवे कोरोना के मरीजों के लिए ट्रेन की बोगियों को आइसोलेशन वार्ड (isolation ward) के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए विचार विमर्श कर रहा है।


रेलवे रोजाना 13,523 ट्रेनों का संचालन करता है और पूरे देश में लॉकडाउन के चलते 14 अप्रैल तक सभी यात्री सेवाओं को रद्द कर दिया गया है।


लाइव मिंट ने सूत्रों के हवाले से खबर प्रकाशित की है। लाइव मिंट के मुताबिक, बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए खाली पड़े कोच और केबिन को आइसोलेशन वार्ड के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इस चर्चा में रेल मंत्री पीयूष गोयल, चेयरमैन वीके यादव सभी जोन के जनरल मैनेजर और डिविजलन मैनेजर मौजूद रहे।
कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए पीएम मोदी ने कल बुधवार को कैबिनेट मीटिंग की थी। इसके बाद रेलवे ने इस प्रस्ताव पर विचार विमर्श किया।


चेयरमैन वीके यादव ने कहा कि रेलवे कोच और केबिन को अस्थाई तौर पर अस्पताल के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। जिसमें परामर्श कक्ष (consultation room), मेडिकल स्टोर (medical store) आईसीयू और पेंट्री (pantry) बनाया जा सकता है।


ये कोच देश के उन हिस्सों में भेजे जा सकते हैं, जहां कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।


WHO के एक अनुमान के मुताबिक, भारत में प्रति 1000 लोगों पर 0.7 बेड हैं। जबिक इसे 2 बेड तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। WHO देश में प्रति 1000 लोगों पर कम से कम 3 बेड बनाने की बात कहता है। 


बता दें कि पूरे देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 649 हो गई है। इनमें 592 एक्टि केस हैं। जबकि 42 ठीक हो गए हैं और 13 लोगों की मौत हो चुकी है।


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