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Tokyo Olympics: सिल्वर मेडलिस्ट रवि दहिया को हरियाणा सरकार देगी 4 करोड़ रुपये और क्लास-1 नौकरी

रवि दहिया के पिता परिवार को चलाने के लिए पट्टे पर लिए गए खेतों पर काम करते हैं
अपडेटेड Aug 06, 2021 पर 09:12  |  स्रोत : Moneycontrol.com

Tokyo Olympics 2021: टोक्यो ओलिंपिक के सिल्वर मेडलिस्ट पहलवान रवि कुमार दहिया के लिए हरियाणा सरकार ने खजाना खोल दिया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पुरुष फ्रीस्टाइल 57 किलोग्राम में भारत को सिल्वर मेडल दिलाने वाले 23 वर्षीय पहलवान के लिए नगद इनाम के साथ नौकरी और प्लॉट में कंसेशन देने का ऐलान किया है।


हरियाणा सरकार ने गोल्ड मेडल मुकाबला चूकने के बाद सिल्वर अपने नाम करने वाले रवि दहिया के लिए 4 करोड़ रुपये और क्लास-1 की नौकरी का वादा किया है। साथ ही हरियाणा में अपनी इच्छानुसार प्लॉट खरीदने पर 50 फीसदी कंसेशन देने का ऐलान किया।


मुख्यमंत्री ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा कि रवि दहिया ने अपना फाइनल मैच बहुत बहादुरी से खेला है। इसकी मैं बहुत प्रशंसा करता हूं और उनको बधाई देता हूं। उनके लिए क्लास-1 की नौकरी सुनिश्चित की गई है।


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मनोहर लाल ने कहा कि दहिया हरियाणा में जहां भी चाहें 50 प्रतिशत की कंसेशन पर एक प्लॉट दिया जाएगा। साथ ही उनको 4 करोड़ रुपये की राशि भी दी जाएगी। उनके गांव नहरी में आधुनिक सुविधाओं से लैस रेसलिंग का एक इंडोर स्टेडियम बनवाया जाएगा।


आपको बता दें कि पुरुषों के फ्री स्टाइल 57 किलो रेसलिंग स्पर्धा के फाइनल में रवि को रूस के जवुर उगुवेय से 4-7  हार का सामना करना पड़ा। रवि दहिया गोल्ड मेडल से चूक गए, लेकिन सिल्वर मेडल अपने नाम करने में सफल हो गए।


दहिया ने कहा कि टोक्यो ओलंपिक में वह शायद सिल्वर मेडव जीतने के ही हकदार थे, लेकिन वह पेरिस ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने का अपना सपना पूरा करने की कोशिश करेंगे।


इस 23 वर्षीय खिलाड़ी ने पुरुष वर्ग के 57 किग्रा फाइनल के बाद पीटीआई से कहा कि यह सिल्वर मेडल उन्हें कभी संतोष नहीं देगा, हालांकि उनका प्रदर्शन भारतीय कुश्ती के लिए काफी मायने रखता है।


रवि के पिता राकेश ने उन्हें यहां तक पहुंचाने के लिए काफी बलिदान दिए। वह अब भी परिवार को चलाने के लिए पट्टे पर लिए गए खेतों पर काम करते हैं। दहिया ने कहा कि वह केवल पैसे के बारे में नहीं सोच रहे थे और उनका ध्यान केवल ओलंपिक गोल्ड मेडल जीतने पर था।


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