Moneycontrol » समाचार » ख़बरें

RBI ने रद्द किया गोवा स्थित मडगाम अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस, DICGC के तहम मिलेगा पूरा पैसा

99 फीसदी जमाकर्ताओं को डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन के तहत पूरा पैसा मिलेगा
अपडेटेड Jul 29, 2021 पर 19:21  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गोवा स्थित मडगाम अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (Madgaum Urban Co-operative Bank Limited) का लाइसेंस रद्द कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने गरुवार को एक बयान जारी कर कहा कि 99 फीसदी जमाकर्ताओं को DICGC (Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation) के तहत पूरा पैसा मिलेगा।


आरबीआई ने कहा कि सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार, गोवा के कार्यालय से बैंक को बंद करने और इसके लिए एक परिसमापक (liquidator) नियुक्त करने का आदेश जारी करने का अनुरोध किया गया है।


केंद्रीय बैंक ने कहा कि लाइसेंस रद्द करने और परिसमापन की कार्यवाही शुरू होने के साथ, डीआईसीजीसी अधिनियम, 1961 (DICGC Act, 1961) के अनुसार जमाकर्ताओं को भुगतान करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।


बैंक डूबने पर भी खाताधारकों को 90 दिन में मिलेंगे पैसे वापिस, मोदी सरकार बदलेगी नियम


RBI ने आगे कहा कि बैंक द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, लगभग 99 फीसदी जमाकर्ताओं को डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) से उनकी जमा राशि की पूरी राशि प्राप्त हो जाएगी।


केंद्रीय बैंक ने कहा कि रिजर्व बैंक ने बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया क्योंकि बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं हैं। आरबीआई ने कहा कि अपनी वर्तमान वित्तीय स्थिति के साथ बैंक अपने वर्तमान जमाकर्ताओं को पूरा भुगतान करने में असमर्थ होगा और अगर बैंक को अपने बैंकिंग कारोबार को आगे बढ़ाने की अनुमति दी जाती है तो जनहित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।


आपको बता दें कि येस बैंक, लक्ष्मी विलास बैंक और पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक जैसे बैंकों से परेशान ग्राहकों के लिए मोदी सरकार राहत लाने वाली है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई मीटिंग में डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) बिल और लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप अमेंडमेंट बिल को अनुमति दे दी गई है।


अब इस बिल को संसद में रखा जाएगा। इस बिल के मुताबिक बैंक के डूबने पर भी बीमा के तहत सेविंग अकाउंट होल्डर्स को 90 दिन के अंदर पैसा मिल जाएगा। यानी बैंक डूबने पर भी आपका पैसा नहीं डूबेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि DIGC बिल के तहत किसी बैंक के मोराटोरियम  के तहत होने पर भी 5 लाख रुपये तक के डिपॉजिट का इंश्योरेंस होगा।


इसमें सभी बैंकों में किसी भी प्रकार के 5 लाख रुपये तक के डिपॉजिट पर ग्राहकों को इंश्योरेंस की सुरक्षा मिलेगी। सरकार इस बिल को मानसून सत्र में संसद में पेश करेगी। इस संशोधन के पास होने से ग्राहकों का पैसा सुरक्षित होगा। इस बिल के पास होने के बाद सेविंग अकाउंट होल्डर्स को बैंक के डूबने पर भी 90 दिनों के अंदर पैसा मिल जाएगा।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।