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रेपो रेट से इंटरेस्ट रेट को जोड़ने के लिए RBI उठाएगी कदम

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि सभी बैंकों को रेपो रेट जैसे किसी बाहरी बेंचमार्क के आधार पर ब्याज दर तय करना चाहिए
अपडेटेड Aug 20, 2019 पर 08:44  |  स्रोत : Moneycontrol.com

RBI की यह कोशिश रंग लाई तो बैंक अब ग्राहकों का हक नहीं मार सकेंगे। अभी तक RBI जब रेट कट करता है तो कई बार इसका फायदा ग्राहकों को नहीं मिल पाता। ग्राहकों को इसका फायदा मिलेगा या नहीं, यह पूरी तरह बैंकों की मर्जी पर निर्भर करता है।


लेकिन अब RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि सभी बैंकों को रेपो रेट जैसे किसी बाहरी बेंचमार्क के आधार पर ब्याज दर तय करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैंकों को इसके लिए प्रोत्साहित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। अभी तक बैंक MCLR (Marginal Cost of Funds based Lending Rate) के आधार पर ब्याज दर तय करते हैं। 
 
दास ने कहा कि 7 अगस्त को रेपो रेट के ऐलान के बाद कई बैंकों ने अपने इंटरेस्ट रेट को रेपो रेट से कनेक्ट कर दिया था। उन्होंने कहा कि अभी RBI, सरकार और बिजनेस कम्युनिटी की सबसे पहली प्राथमिकता ग्रोथ को बढ़ावा देना है।


दास ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की किसी दूसरी अर्थव्यवस्था के मुकाबले ज्यादा लचीला है। हालांकि ग्लोबल ग्रोथ उम्मीद से कम रहने के कारण सुस्ती का डर सता रहा है।


दास ने कहा, मजबूत कैपिटलाइजेशन के बावजूद इंडियन बैंकिंग सेक्टर की प्रॉफिटबलिटी कमजोर रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह है फाइनेंस टेक कंपनियों से मिल रही कड़ी टक्कर है।   


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