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PM फसल बीमा योजना में सरकार ने किया बदलाव, किसानों को मिली राहत

सरकार के इस फैसले से उत्तर-पूर्व के राज्यों के किसानों को बेहतर फायदा मिलेगा।
अपडेटेड Feb 20, 2020 पर 13:29  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कृषि उत्पादन में जोखिम को कम करने और खेती की इनकम बढ़ाने के लिए सरकार ने अपनी दो महत्वपूर्ण योजनाओं में बदलाव की मंजूरी दे दी है। फसल बीमा योजना में मौजूदा खामियों को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana-PMFBY) और RWBCIS यानी Restructured Weather Based Crop Insurance Scheme में बदलाव की मंजूरी दी गई है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सरकार के इस बदलाव से उत्तर पूर्व क्षेत्र में इंश्योरेंस का कवरेज दायरा बढ़ने से किसानों को अपना जोखिम मैनेज करने में मदद मिलेगी। इन बदलावों को खरीफ 2020 सीजन से पूरे देश में लागू करने का प्रस्ताव है। बयान में ये भी कहा गया है कि इस तरह के बदलाव करने से तुरंत और सटीक उपज के अनुमान लगाने की भी उम्मीद है। 


योजना में किए गए बदलावों के मुताबिक, बीमा कंपनियों को कारोबार का आवंटन दोनों योजनाओं के तहत 3 साल के लिए किया जाएगा और वित्त का पैमाना चुनने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को विकल्प दिया जाएगा। इसके साथ ही अन्य फसलों के लिए जिनका MSP घोषित नहीं किया गया है, उनके फार्म गेट (फसल की लागत) पर विचार किया जाएगा। राज्यों केंद्रशासित प्रदेशों को किसी भी या कोई अतिरिक्त जोखिम कवर जैसे कि बुवाई, स्थानीय आपदा, मध्य मौसम प्रतिकूलता और फसल के बाद का नुकसान होने पर किसी भी विकल्प का चयन करने की ढील दी जाएगी। इसके अलावा किसान PMFBY के तहत विशिष्ट जोखिम जैसे ओला से फसल को नुकसान होने की भी भरपाई कर सकते हैं। 


एक अन्य बड़े बदलाव में, दोनों योजनाओं के तहत अभी केंद्र और राज्य सरकार प्रीमियम का 50:50 फीसदी योगदान देती हैं। लेकिन उत्तर पूर्वी राज्यों के किसानों के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। यहां फसल बीमा प्रीमियम में 90 फीसदी योगदान केंद्र सरकार देगी और 10 फीसदी में राज्य सरकार का योगदान रहेगा। इसके अलावा 3 फीसदी योजना की राशि प्रशासनिक व्यवस्था पर खर्च होगी। हालांकि सभी किसानों के लिए दोनों योजनाओं के तहत नामांकन (Enrolment) स्वैच्छिक किये जाने का विकल्प खुला है।


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