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खुदरा महंगाई दर अक्टूबर में RBI के 4% टारगेट से ज्यादा रहेगी! क्या करेगा RBI

RBI के सामने अब यह दुविधा है कि वह इकोनॉमी की रफ्तार बढ़ाने के लिए रेट कट करे या महंगाई पर काबू पाने के लिए रेपो रेट बढ़ाए
अपडेटेड Nov 18, 2019 पर 00:04  |  स्रोत : Moneycontrol.com

प्याज और टमाटर की कीमतें आसमान छू रही हैं। खान-पीने की चीजों के दाम कम नहीं हो रहे हैं। इन्हीं सबके कारण अक्टूबर में महंगाई दर की ग्रोथ 4 फीसदी से ज्यादा रह सकती है। जुलाई 2018 के बाद पहली बार महंगाई दर की ग्रोथ 4 फीसदी से ज्यादा रहने वाली है। इनफ्लेशन के लिए RBI का मीडियम टर्म टारगेट 4% का है। 


सितंबर में खुदरा महंगाई दर की ग्रोथ बढ़कर 3.99 फीसदी हो गई थी जो 14 महीने में सबसे ज्यादा थी। इस दौरान खाने-पीने की चीजों के दाम 5.1 फीसदी बढ़े थे। ब्लूमबर्ग ने 33 इकोनॉमिस्ट पर एक सर्वे किया है। इनका कहना है कि अक्टूबर में महंगाई दर 4.35 फीसदी रह सकती है। अगर यह होता है तो जून 2018 के बाद यह महंगाई दर की सबसे ज्यादा ग्रोथ होगी।


क्यों बढ़ी हैं कीमतें?


महाराष्ट्र सहित कुछ दूसरे राज्यों में बाढ़ की वजह से अगस्त में प्याज के दाम बढ़कर 80 रुपए प्रति किलो हो गए थे। प्याज के निर्यात और स्टॉक पर पाबंदी लगने के बाद केंद्र सरकार ने प्याज आयात करने का फैसला किया है ताकि कीमतों पर काबू पाया जा सके।


शनिवार को उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने ट्वीट किया था, "प्याज की कीमतों को कंट्रोल करने के लिए सरकार ने 1 लाख टन प्याज आयात करने का फैसला किया है। 15 नवंबर से लेकर 15 दिसंबर के बीच MMTC प्याज का आयात करेगा। वहीं NAFED की यह जिम्मेदारी होगी कि वह देश के अलग-अलग इलाकों तक प्याज पहुंचाए।"


क्या करेगा RBI


अर्थव्यवस्था की सुस्ती दूर करने के लिए RBI लगातार रेपो रेट में कटौती कर रहा है। अब अगर अक्टूबर में महंगाई दर बढ़ जाती है तो RBI को अपनी पॉलिसी बदलनी होगी। इस साल अब तक RBI रेपो रेट में 1.35 फीसदी कटौती कर चुका है। रेपो रेट अभी 5.15 फीसदी है।


सितंबर में इंडिया के फैक्ट्री आउटपुट में 4.3 फीसदी की कमी आई है। इससे पहले अगस्त में भी फैक्ट्री आउटपुट घटा था। फैक्ट्री आउटपुट का यह सिरीज अप्रैल 2012 में लॉन्च हुआ था। तब से लेकर अब तक की यह सबसे बड़ी गिरावट है।


SBI ने भी अपनी एक हालिया रिपोर्ट में कहा है कि जुलाई-सितंबर तिमाही में GDP की ग्रोथ 4.2 फीसदी रह सकती है।


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