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2024 के बाद भी पावर में रहने के लिए पुतिन बदलेंगे संविधान, विरोध में पूरी सरकार का इस्तीफा

पुतिन ने संविधान में बदलाव के लिए रेफरेंडम कराने का ऐलान किया, इसके तुरंत बाद मेदवेदेव ने दिया इस्तीफा
अपडेटेड Jan 16, 2020 पर 16:28  |  स्रोत : Moneycontrol.com

Vladimir Putin। रूस के प्रेसिडेंट ब्लादिमिर पुतिन ने संविधान में बदलाव करने का फैसला किया था। इस बदलाव के बाद 2024 में प्रेसिडेंट पद से हटने के बावजूद पुतिन के पास पावर रहेगी। हालांकि इस फैसले के खिलाफ रूस के पीएम दमित्री मेदवेदेव (Dmitri Medvedev) ने सरकार सहित इस्तीफा दे दिया है। पुतिन ने लीडरशिप में बदलाव को स्वीकार करते हुए पीएम मेदवेदेव का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।


बुधवार को पुतिन ने ऐलान किया कि संविधान में बदलाव के लिए वह देश में रेफरेंडम करना चाहते हैं। इस बदलाव के बाद नए प्रेसिडेंट के पास उतनी ताकत नहीं रहेगी जितनी पुतिन के पास है। पुतिन ने जैसे ही संविधान में बदलाव का ऐलान किया, पीएम ने चंद घंटों के भीतर  हैरतअंगेज कदम उठाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया।


संविधान में बदलाव का फैसला रूस के नेताओं के लिए बहुत बड़ा झटका है। वह इस बात से आशंकित हैं कि भविष्य में कैबिनेट की शक्ल कैसी होगी।


The Guardian के मुताबिक, एनालिस्ट्स का मानना है कि यह बदलाव 2024 की तैयारी है। 2024 में पुतिन राष्ट्रपति पद से हटने वाले हैं। ऐसे में वह चाहते हैं कि पद भले ही वह छोड़ दें लेकिन असली ताकत उन्हीं के पास रहे।


67 साल के पुतिन साल 2000 से ही शासन कर रहे हैं। स्टैलिन के बाद रूस पर सबसे ज्यादा लंबे समय तक शासन करने वाले पुतिन ही हैं। हालांकि पुतिन 2024 के लिए जो प्लान कर रहे हैं वह सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल है।


क्या चाहते हैं पुतिन?


टीवी पर दिए एक भाषण में पुतिन ने कहा था कि वह संविधान में बदलाव करना चाहते हैं ताकि आगे जो भी प्रेसिडेंट बने उसका कार्यकाल ज्यादा से ज्यादा दो बार ही हो। दिलचस्प है कि पुतिन का कार्यकाल 4 बार का रहा है।


इसके साथ ही प्रेसिडेंट पद के उम्मीदवार के लिए रेजिडेंसी से जुड़े नियम भी सख्त करने की योजना है। इसके साथ ही पीएम और कैबिनेट के लिए उम्मीदवार प्रेसिडेंट नहीं बल्कि संसद चुनेगी। ये सभी अधिकार अभी तक प्रेसिडेंट के पास हैं।


इस भाषण के तुरंत बाद रूस के पीएम मेदवेदेव ने कहा कि वह अपनी पूरी सरकार के साथ इस इस्तीफा देंगे। पीएम पद से इस्तीफा देने के बाद मेदवेदेव को रूस के सिक्योरिटी काउंसिल का डिप्टी चेयरमैन नियुक्त कर दिया गया है। इस काउंसिल के चेयरमैन पुतिन हैं। रूसी मीडिया के मुताबिक, सरकार के मंत्रियों को इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उन्होंने सामूहिक इस्तीफा क्यों दिया।


पुतिन ने रूस के टैक्स सर्विस चीफ मिखैल मिशुस्तीन (Mikhail Mishustin) को नया पीएम बनाया है। 53 साल के मिसुस्तीन 1998 से ही सरकार के साथ जुड़े हैं। 2000 से वह फेडरल टैक्स सर्विस के हेड है लेकिन वह बेहद लो प्रोफाइल के साथ काम कर रहे हैं।


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