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भारत में Sputnik V की हर साल 85 करोड़ डोज का होगा उत्पादन, सिंगल-डोज वैक्सीन भी जल्द आएगा

रूसी वैक्सीन Sputnik V की तरफ से बताया गया है कि जल्द ही भारत में सिंगल शॉट वैक्सीन स्पुतनिक लाइट आ सकती है
अपडेटेड May 16, 2021 पर 19:36  |  स्रोत : Moneycontrol.com

रूस की कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक वी (Sputnik V) की दूसरी खेप रविवार को भारत पहुंच गई। हैदराबाद में रविवार को रूसी वैक्सीन की दूसरी खेप विमान के जरिए पहुंची। भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर में बढ़ते संक्रमण के बीच कोविशील्ड (Covishield) और कोवैक्सीन (Covaxin) के बाद अब एक और वैक्सीन Sputnik-V भी अगले सप्ताह से भारतीय मार्केट में उपलब्ध होगी। 


इस बीच, भारत में रूसी राजदूत एन कुदाशेव (N. Kudashev) ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा कि Sputnik V एक रूसी-भारतीय वैक्सीन (Russian-Indian vaccine) है। हम उम्मीद करते हैं कि भारत में इसका उत्पादन धीरे-धीरे बढ़ाकर 85 करोड़ डोज प्रति वर्ष तक किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत में जल्द ही Sputnik V की सिंगल-डोज वैक्सीन स्पुतनिक लाइट (Sputnik Lite) पेश करने की योजना है।


कुदाशेव ने उम्‍मीद है कि भारत में इसका उत्‍पादन तेजी से बढ़ेगा। रूसी राजदूत ने कहा कि रूस में जुलाई, 2020 से लोगों के वैक्सीनेशन के लिए यह वैक्‍सीन इस्‍तेमाल हो रही है। कुदाशेव ने कहा है कि Sputnik V की प्रभावशीलता दुनिया में अच्छी तरह से जानी जाती है। उन्होंने कहा कि रूसी विशेषज्ञों ने घोषणा की है कि यह वैक्सीन कोविड-19 के नए वैरिएंट के खिलाफ भी प्रभावी है।


दाम 995 रुपये प्रति डोज


डा. रेड्डीज लैब ने कहा है कि उसने कोविड- 19 का वैक्सीन स्पुतनिक वी भारतीय बाजार में जारी कर दिया है। इसकी सीमित शुरुआत के तौर पर स्पुतनिक-वी का पहला वैक्सीन हैदराबाद में लगाया गया। कंपनी ने कहा कि इस आयातित दवा की एक खुराक का खुदरा मूल्य 948 रुपये है। इस पर पांच प्रतिशत की दर से GST के साथ वैक्सीन का मूल्य 995.40 रुपये प्रति डोज बैठता है।


डा. रेड्डीज लैबोरेटरीज ने कहा कि आयातित वैक्सीन की वर्तमान में कीमत 948 रुपये और इसके ऊपर पांच प्रतिशत की दर से GST देय होगा। स्थानीय स्तर पर इसका उत्पादन शुरू होने के बाद दाम में कुछ कमी आ सकती है। हैदराबाद स्थित कंपनी ने कहा कि वह राष्ट्रीय वैक्सीनेशन अभियान में सहयोग के लिए सरकार और निजी क्षेत्र के सभी पक्षों के साथ मिलकर काम करेगी ताकि स्पुतनिक वी वैक्सीन को व्यापक स्तर पर पहुंचाया जा सके।


देश में अब तक केवल दो टीकों को इस्तेमाल में लाया जा रहा है। भारत बायोटेक की कोवक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया द्वारा बनाई जा रही कोविशील्ड ही मुख्यतौर पर इस्तेमाल में लाई जा रही है। केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि अगस्त से दिसंबर 2021 की पांच माह की अवधि में दो अरब से अधिक वैक्सीन देश में उपलब्ध होंगे जो कि समूची आबादी को वैक्सीन लगाने के लिए काफी होंगे।


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